ईजी गैस कार्ड से बुकिंग होने के बाद एजेंसी का कर्मचारी सिलिंडर लेकर आपके घर पहुंचेगा। कर्मचारी के पास एक स्मार्ट फोन होगा, जो स्वैप मशीन से जुड़ा होगा। इसकी मदद से कर्मचारी यह चेक करेगा कि ग्राहक ने सिलिंडर की बुकिंग की है या नहीं।
इसकी पुष्टि होने पर ग्राहक नकदी के अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बिल का भुगतान कर सकेगा। भुगतान करते ही डीलर के स्मार्ट फोन पर एक मैसेज आएगा। इसमें यह दर्ज होगा कि किस इलाके में किस उपभोक्ता को सिलिंडर की डिलीवरी की गई है।
उपभोक्ता अक्सर शिकायत करते हैं कि बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। लेकिन, ईजी गैस कार्ड से यह समस्या खत्म हो जाएगी। कर्मचारी का मोबाइल जीपीएस से कनेक्ट होगा। इससे यह पता चल सकेगा कि उसने सिलिंडर की आपूर्ति कब और कहां की।
तेल कंपनियों की ओर से यह पहल ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है। इस कड़ी में तेल कंपनियों ने एजेंसियों के लिए भी कई मानकों में बदलाव किए हैं।
नए नियमों के अनुसार यदि कोई एजेंसी पांच सौ नए उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन बांटती है तो इनमें से सौ ऐसे होने चाहिए जो भुगतान ऑनलाइन करें।
ईजी गैस कार्ड की कवायद शुरू हो गई है। टीम काम कर रही है। उपभोक्ताओं के अकाउंट मैप किए जा रहे है। जल्द ही कार्ड वितरित किए जाएंगे।
- अमित कुमार, एरिया मैनेजर, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम