उत्तराखंड के पौड़ी में एकेश्वर ब्लाक के बिंजोली गांव में रसोई गैस सिलेंडर फटने से तीन की मौत हो गई। हादसे में परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे में दादी की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक पोती ने अस्पताल ले जाते समय और दूसरी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घायलों को कोटद्वार से देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार बिंजोली के विनोद नेगी और उनके परिजनों ने मंगलवार एक बजे खाना खाने के बाद चूल्हे में दूध गर्म करने के लिए रखा था।
तीन लोग बुरी तरह घायल
विनोद नेगी और उनका छह वर्षीय बेटा तो रसोई से दूसरे कमरे में चले गए। जबकि विनोद की मां, पत्नी और तीन बेटियां किचन में थी। रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने से फट गया।
हादसे में विनोद की पत्नी वीरा देवी (35), पुत्री सोनाली (15), शोभा (12), सुरभि (08) और गौरी (06) बुरी तरह घायल हो गईं। घायलों को आपातकालीन सेवा 108 से कोटद्वार ले लाया गया। कोटद्वार लाते समय शोभा की मौत हो गई।
बाकी घायलों को कोटद्वार अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कोरोनेशन के लिए रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान सोनाली ने भी दम तोड़ दिया। अन्य घायल भी 95 फीसदी झुलसे हुए हैं। सतपुली के प्रभारी नायब तहसीलदार विनोद ने बताया कि किचन में दो सिलेंडर थे।
छुट्टियों में आए थे गांव
चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर है। सभी 95 फीसदी झुलसे हुए हैं। सतपुली के प्रभारी नायब तहसीलदार विनोद ने बताया कि किचन में दो सिलेंडर थे। जिससे हादसा ज्यादा बड़ा हुआ है।
विनोद नेगी सेना में कार्यरत हैं। गांव में उनकी मां अपनी दो पोतियों के साथ रहती थी। जबकि पत्नी बेटे और दो बेटियों के साथ कोटद्वार में रहती है। विनोद कुछ दिन पहले ही छुट्टी आए।
कोटद्वार से पत्नी और बच्चों को लेकर गांव पहुंचे थे। लेकिन हादसे में परिवार के दो लोगों को छिन लिया। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता कवींद्र इष्टवाल, निवर्तमान प्रधान सुमन रावत ने बताया कि घटना से पूरा क्षेत्र में शोक की लहर है।