क्या कहते हैं अधिकारी
मामला पुलिस के संज्ञान में नहीं है। हालांकि इस तरह के मामले में पहले पति-पत्नी को काउंसलिंग का अवसर दिया जाएगा। यदि पति बुलाने पर महिला सेल में नहीं आता है तो विवाहिता के प्रार्थनापत्र के आधार पर 498ए (दहेज उत्पीड़न), मुस्लिम मूवमेंट आडिर्नेंस 2018 की धारा लगेगी। अध्यादेश राष्ट्रपति द्वारा जारी किया गया है। इसमें तीन साल तक की जेल का प्रावधान है।
- अमित श्रीवास्तव, एसपी सिटी, नैनीताल
नोटरी के जरिए दिया गया तलाक मान्य होगा। इसकी तहकीकात जरूरी है कि पत्र उसके शौहर ने ही भेजा हो। अगर निकाह के बाद विदाई नहीं हुई है और न ही मियां-बीवी मिले हों, तो ऐसी सूरत में शौहर को मेहर की आधी रकम अदा करनी होगी और महिला को तलाक की इद्दत नहीं करनी पड़ेगी।
-मौलाना अब्दुल बासित, इमाम मस्जिद बंजारान, हल्द्वानी