दिल्ली निवासी हाईस्कूल की छात्रा को हल्द्वानी के एक फार्मेसिस्ट से इंस्टाग्राम पर ऐसी दिल्लगी हुई कि चार माह में ही वह घर-परिवार छोड़ आई। मंगलवार सुबह किशोरी बस में सवार हुई, जिसका पीछा करते हुए परिजनों ने उसे रुद्रपुर में पकड़ लिया। हल्द्वानी कोतवाली में प्रेमी ने किशोरी को साथ रखने से मना कर दिया। इस पर छात्रा को उसके पिता दिल्ली लेकर चले गए।
दिल्ली के केशवपुरम निवासी 15 वर्षीय छात्रा अप्रैल में इंस्टाग्राम के माध्यम से सुशीला तिवारी अस्पताल के एक फार्मेसिस्ट के संपर्क में आई। दोनों की बातें होने लगीं और चार माह में ही दोनों एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाने लगे। इस पर किशोरी सोमवार रात को बिना बताए फार्मेसिस्ट से मिलने के लिए दिल्ली से बस में सवार हो गई। इसकी भनक लगते ही किशोरी के परिजनों ने दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई और बेटी की तलाश में बस का पीछा करते हुए रुद्रपुर पहुंचे, जहां उन्होंने बस को रोककर किशोरी को उतार लिया।
बाद में परिजन किशोरी को हल्द्वानी कोतवाली लेकर आए और पुलिस ने फार्मेसिस्ट प्रेमी को भी बुलाया। पूछताछ में फार्मेसिस्ट ने बताया कि किशोरी उससे हमेशा कहती थी कि वह मुझसे प्रेम करती है और अपना घर छोड़कर मेरे पास आना चाहती है लेकिन उसने ऐसा करने से मना कर दिया। दो-तीन दिन पहले भी किशोरी ने उसके पास आने की बात कही थी। कोतवाली में फार्मेसिस्ट ने किसी भी प्रकार के राजीनामा से इनकार कर दिया। इसके बाद पिता बेटी को लेकर दिल्ली चले गए। कोतवाल केआर पांडे का कहना है कि फार्मेसिस्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं है। इस कारण उसे पूछताछ कर छोड़ दिया है।
प्रेमिका को दिए थे 5000 रुपये
फार्मेसिस्ट के पिता ने बताया कि उनका बेटा घर में पैसे नहीं देता, लेकिन दिल्ली निवासी छात्रा को उसने 5000 रुपये दिए थे। इधर, पुलिस ने बताया कि किशोरी ने भी घर से निकलने से पहले अपनी मां के खाते से 5000 रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी।