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Dehradun News: जिगोलो सर्विस से कमाई के चक्कर में गंवाई बचत

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जिगोलो सर्विस में कमाई के चक्कर में युवक ने अपनी बचत भी गंवा दी। प्ले बॉय बनकर पांच से 10 हजार रुपये प्रति दिन कमाई का झांसा देकर तरह-तरह से युवक से 40 हजार रुपये ठग लिए गए। ठगी के इस नए तरीके में पीड़ित की शिकायत पर डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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ठगी का शिकार सहारनपुर निवासी एक युवक हुआ है। युवक यहां एक डेयरी में काम करता है। बीते दिनों उसने एक चौराहे पर चिपके पंपलेट को देखा था। पांच से 10 हजार रुपये प्रतिदिन कमाई का ऑफर देख युवक के मन में लालच आ गया और उसने उसमें लिखे नंबर पर कॉल कर दी। युवक से पहले रजिस्ट्रेशन के रूप में दो हजार रुपये लिए गए। बताया गया कि उसका एक कार्ड बन रहा है। इसमें दो से तीन दिन लगेंगे। इसके लिए उससे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मांगे गए। दो दिन बाद ही उसके मोबाइल पर एक कार्ड भेज दिया गया।



शाम के वक्त फोन आया कि उसे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए हजार रुपये भेजने होंगे। युवक ने यह रुपये भी भेज दिए। ठग यहीं नहीं रुके उससे तमाम तरीकों से पैसे मांगे गए। परेशान होकर युवक शुक्रवार को एसपी सिटी के पास पहुंचा और सारी कहानी बताई। पता चला कि उसने यह 40 हजार रुपये अपनी बचत के रखे थे। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि शिकायत पर डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पैसे वापसी के खेल में फंसाया युवक को

दरअसल, युवक ने एक माह पहले ही स्मार्ट फोन खरीदा है। उसे यह ठीक से चलाना भी नहीं आता। कुछ दिन पहले ही उसने ऑनलाइन पेमेंट एप डाउनलोड किया। युवक ने जब ठग से कहा कि उसे अपने पैसे वापस चाहिए तो ठग ने क्यूआर कोड भेजा। इसमें 12999 लिखे और इसे स्कैन करने को कहा। युवक ने स्कैन किया तो खाते से 12999 रुपये कट गए। इस पर ठग ने सॉरी कहा और 24 घंटे में पैसे वापस आने की बात कही। 24 घंटे बाद युवक के खाते में 1219 रुपये वापस आ गए। युवक को लगा कि पैसे तो वापस आ रहे हैं तो उसने फिर से ठग को फोन किया। ठग ने फिर उसे 8133 रुपये लिखकर क्यूआर कोड भेजा और स्कैन करवाया। इस तरह ठग ने ज्यादा रुपये लेकर लेकर थोड़े पैसे भेजकर कई बार में युवक को 40 हजार की चपत लगाई।

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लालच को काबू में रखें

जिगोलो सर्विस पुरुष वैश्यावृत्ति को कहा जाता है। इस तरह के पोस्टर इन दिनों शहर के कई चौक-चौराहों पर चिपके हैं। पोस्टर देखकर मन में लालच आता है तो इसे काबू करें नहीं तो साइबर ठग जीवनभर की कमाई एक झटके में अपने खाते में ले सकते हैं। चूंकि, मामला जिगोलो का है तो इसमें बहुत से लोग लोक लाज के कारण पुलिस के सामने भी नहीं आएंगे। हालांकि, मामले की जांच फिलहाल जिले की एसओजी कर रही है। ज्यादातर नंबर दिल्ली और इसके आसपास सक्रिय बताए जा रहे हैं। ऐसे में यह साइबर ठगी का एक नया तरीका ही है इससे ज्यादा कुछ नहीं।
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यह बरतें सावधानी

- क्यूआर कोड स्कैन कर केवल पेमेंट की जाती है, ली नहीं जाती। ऐसे में क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें।

- किसी को भी ओटीपी न बताएं।

- अगर कोई आधार कार्ड मांगता है तो उसे आधार कार्ड फोन पर न भेजें।

- कहीं आधार कार्ड देना जरूरी है तो उस पर लकीर खींच दें, ताकि इसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके।
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