ठगी का शिकार योगेश कुमार निवासी नेशविला रोड हुए हैं। उन्हें गत जुलाई में व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया था। इसमें पहले से ही 100 लोग जुड़े थे। इसका संचालन प्रणिता जोशी और जयप्रकाश गुप्ता कर रहे थे।
एक व्यक्ति ने ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने के चक्कर में 44 लाख रुपये गंवा दिए। उन्हें साइबर ठगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा था जिसमें ऑनलाइन ट्रेडिंग में लाभ कमाने के गुर सिखाए जा रहे थे। इस मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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ठगी का शिकार योगेश कुमार निवासी नेशविला रोड हुए हैं। उन्हें गत जुलाई में व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया था। इसमें पहले से ही 100 लोग जुड़े थे। इसका संचालन प्रणिता जोशी और जयप्रकाश गुप्ता कर रहे थे। दोनों खुद को शेयर मार्केट विशेषज्ञ के रूप में पेश कर रहे थे। योगेश ने बताया कि ग्रुप के संचालकों ने उन्हें एक एप्लीकेशन डाउनलोड कराई और उस पर ऑनलाइन खाता खुलवाया। फिर एप में निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपये जमा कराए गए। शुरू में निवेश पर लाभ दिखाने के बाद जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो उनसे 19.5 लाख रुपये सर्विस चार्ज की मांग की गई।
योगेश ने चार्ज देने से इनकार करने पर उनका खाता बंद कर दिया गया और उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से भी ब्लॉक कर दिया गया। इससे पहले पीड़ित 44.4 लाख रुपये जमा कर चुके थे। योगेश ने आरोप लगाया है कि इस ग्रुप में जयप्रकाश गुप्ता और प्रणिता जोशी ने फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए लोगों को भ्रमित किया। योगेश ने इन दोनों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को मुहैया कराए हैं।