वीकेंड और पीक सीजन पर भीड़ बढ़ने का मसूरी के होटल, पेइंग गेस्ट हाउस वाले खूब फायदा उठा रहे हैं।
मनमाना किराया वसूलने का आरोप
पहाड़ों की रानी की सैर को पहुंचे कई सैलानियों ने होटल, पेइंग गेस्ट हाउस वालों पर मनमाना किराया वसूलने का आरोप लगाया।
हजार रुपए किराया वाले रूम के पांच हजार वसूलने पर कई सैलानी शनिवार देर रात शहर से लौट गए। हालांकि पर्यटकों ने इसकी प्रशासन को लिखित शिकायत नहीं की।
मनमाना किराया वसूली की शिकायत के बावत पूछे जाने पर एसडीएम का कहना है कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। नगर में करीब 250 से अधिक छोटे, बड़े और मझोले होटल हैं।
स्तरीय होटलों के टैरिफ वेबसाइट पर दिए गए हैं। उनके द्वारा टैरिफ ही वसूला गया। इन होटलों ने मनमाने दाम भी नहीं वसूले, मगर अधिकतर होटलों में शनिवार और रविवार को टैरिफ आसमान छू रहा था।
आसमान छूते दाम के चलते लौटे सैलानी
कई पेइंग गेस्ट हाउस संचालकों ने तो पर्यटकों की जेब जमकर काटी। कमरों के आसमान छूते दाम के चलते कई सैलानी देर रात को लौट गए।
दिल्ली से आए मनजीत सलूजा ने बताया कि वे मसूरी घूमने आए। शनिवार रात करीब दस बजे कुलड़ी के एक होटल में गए तो होटल वाले ने एक कमरे का सात हजार रुपए किराया मांगा।
कुलड़ी के ही एक गेस्ट हाउस ने पांच हजार रुपए प्रति रूम किराया बताया। नियम है कि पेइंग गेस्ट हाउस वाले एक हजार से अधिक किराया किसी भी सूरत में नहीं वसूल सकते।
घर का बना खाना ही परोसा जाना चाहिए। हर गेस्ट हाउस में कीचन संचालित होता है। इसका बाकायदा मैन्यू कार्ड बना हुआ है।