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लोन फर्जीवाड़ा- दोषियों पर कार्रवाई से बच रहा है कैंट बोर्ड

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देहरादून। कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन में सामने आए लोन फर्जीवाड़े में दोषियों को बचाने की जुगत की बात सामने आ रही है। पहले कैंट बोर्ड ने 20 से 25 कर्मचारियों के लोन लेने की बात कह रहा था, जबकि बैंक की ओर से मात्र छह लोगों के नाम कैंट बोर्ड को भेजे हैं, जो किश्त नहीं चुका रहे हैं। अब कैंट बोर्ड एक ही नाम के तीन-चार कर्मचारी होने और बैंक की ओर से पूरी डिटेल न देने की बात कह रहा है। जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि लोन लेने वाला एक व्यक्ति ऐसा है, जो कैंट बोर्ड का कर्मचारी ही नहीं है।
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बता दें, कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन में लोन फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति जो कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन का कर्मचारी नहीं है। उसने कैंट बोर्ड कर्मचारी बनकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रेमनगर स्थित जिला को-ऑपरेटिव बैंक से लाखों रुपये का लोन ले लिया। इसके अलावा पांच और लोगों ने बैंक से लोन लिया है, लेकिन यह सभी कैंट बोर्ड के कर्मचारी बताए जा रहे हैं।
दरअसल, मामले का खुलासा तब हुआ जब इन लोगों ने बैंक की किश्त नहीं चुकाई और बैंक ने कैंट बोर्ड से पत्राचार किया। पत्र के सार्वजनिक होने के बाद कैंट बोर्ड हरकत में आया और सीईओ ने आंतरिक जांच कराई तो पता चला कि इनमें से किसी को भी कैंट बोर्ड ने लोन के लिए स्वीकृति नहीं दी थी। हालांकि यह गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद भी कैंट बोर्ड लोन दोषियों पर कार्रवाई करने से बच रहा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को डरा-धमकाकर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कभी बैंक से दस्तावेज मांगने और कभी एक ही नाम के दो-तीन कर्मचारी होने का हवाला देकर बैंक से पूरी डिटेल न देने के तर्क दिए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार बैंक ने नाम और पिता के नाम से लोन लेने वाले कर्मचारियों के बैंक खाता संख्या आदि सूचनाएं दी हैं और पत्र में साफ लिखा है कि ऋण की अंडरटेंकिंग कैंट बोर्ड कार्यालय से ली गई है।
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लोन फर्जीवाड़े में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बैंक से जो दस्तावेज मांगे गए हैं, उनको देखना चाहते हैं। जिससे यह पता चल सके कि किन दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया गया है और वह कैंट बोर्ड से किसने जारी किए हैं। क्योंकि हर सेक्शन कोई भी दस्तावेज देने से मना कर रहा है। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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-अभिषेक राठौर, सीईओ, कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन
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