लोकायुक्त और ट्रांसफर बिलों पर तेजी दिखाने के बाद प्रदेश सरकार के कदम अब मंद पड़ते नजर आ रहे हैं। प्रवर समिति को एक महीने में दोनों बिलों पर प्रतिवेदन देना था। मगर वह प्रतिवेदन तैयार करने में नाकाम रही है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दोनों समितियों का कार्यकाल एक महीने और बढ़ा दिया है।
बता दें कि मार्च माह में प्रदेश सरकार ने विधानसभा के पटल पर लोकायुक्त और ट्रांसफर बिल पेश किए थे। मगर अगले ही दिन दोनों बिलों को प्रवर समिति को सौंप दिया था। संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में बनी प्रवर समिति को दो मई तक प्रतिवेदन तैयार करने थे। संसदीय कार्यमंत्री तय समयसीमा पर प्रतिवेदन तैयार करने की बात कह रहे थे।
मगर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा था कि बिलों पर चर्चा के लिए एक महीने का समय कम है। दोनों बिलों पर गठित प्रवर समितियों की अब तक दो-दो बैठकें हो चुकी हैं। ट्रांसफर बिल पर 388 सुझाव एवं आपत्तियां समिति के पास पहुंची हैं। माना जा रहा था कि दोनों बिलों पर प्रवर समिति को अभी और कसरत करनी पड़ सकती है। प्रवर समितियों का कार्यकाल एक महीना बढ़ाने के पीछे यही वजह बताई जा रही है। विधानसभा के सचिव जगदीश चंद्र ने प्रवर समिति का कार्यकाल एक माह बढ़ाने की पुष्टि की है।