तीन बाद के सांसद का विजय रथ निर्दलीय ने रोका
लोकसभा में लगातार तीन चुनाव 1951, 1957 और 1962 में सांसद चुने गए महावीर त्यागी का विजय रथ देहरादून लोकसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी केवाई सिंह ने रोक दिया था। इस सीट पर कुल चार में से तीन प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव लड़े थे। चौथे कांग्रेस से महावीर त्यागी थे। कुल 3,03,933 वोट पड़े थे, जिनमें से निर्दलीय केवाई सिंह को 1,51,465, महावीर त्यागी को 1,11,353 और बाकी निर्दलीय धर्मपाल को 35,134 व निर्दलीय एच सिंह को 5,981 वोट मिले थे।
राज्य गठन के बाद निर्दलीय आए और गए
राज्य गठन के बाद से अब तक चार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। हर चुनाव में निर्दलीयों ने लड़ने का जोश दिखाया लेकिन कोई कमाल नहीं कर पाया। वर्ष 2004 के चुनाव में कुल 54 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें से 18 निर्दलीय थे। 2009 के चुनाव में 76 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें 29 निर्दलीय थे। 2014 के चुनाव में 74 प्रत्याशियों में से 27 निर्दलीय थे और 2019 के चुनाव में 52 में से 21 निर्दलीय प्रत्याशी थे। इनमें से ज्यादातर की जमानत जब्त हुई।
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विधानसभा चुनावों का अलग ट्रेंड
लोकसभा चुनावों से इतर उत्तराखंड के पांच विधानसभा चुनावों में अब तक 13 निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज करा चुके हैं। वर्ष 2002 के विस चुनाव में तीन, 2007 के चुनाव में तीन, 2012 के चुनाव में तीन, 2017 में दो और 2022 में दो निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर आए।