दिग्गजों की सक्रियता के मायने
हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के तीन प्रमुख नेताओं के सियासी दौरे इन दिनों चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम नया जुड़ा है। रावत पिछले दिनों हरिद्वार लोस क्षेत्र के दौरे पर थे। उस दौरे के बाद सियासी हलकों में उनके हरिद्वार सीट से चुनाव लड़ने की संभावना की अटकलों ने जोर पकड़ा है। हालांकि, राजनीतिक जानकार त्रिवेंद्र के पौड़ी गढ़वाल लोस सीट पर चुनाव लड़ने की ज्यादा संभावनाएं जताते हैं।
दूसरा नाम पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक का है, जिनके नाम की चर्चा 2019 लोस चुनाव में भी रही है। तीसरा नंबर लोस क्षेत्र में सक्रिय रहे नरेश बंसल की है, जो खुद राज्यसभा सांसद हैं। लेकिन पार्टी दावेदार के कद और पद के हिसाब से ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय व जातीय समीकरणों के आधार पर ही उम्मीदवार का चयन करती है।
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हरिद्वार लोकसभा से डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हैं। वहां चुनाव जिताने की जिम्मेदारी पार्टी के साथ डॉ. निशंक की है। डॉ. निशंक लोकप्रिय सांसद हैं और लगातार दो चुनाव जीते हैं। चुनाव क्षेत्र में उन्होंने कई विकास कार्य कराए हैं। अभी चुनाव दूर हैं इसलिए टिकटों की दावेदारी से जुड़े प्रश्नों की अभी प्रासंगकिता नहीं है। - महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
हरिद्वार लोकसभा सीट
कुछ ऐसा है लोकसभा का क्षेत्र का स्वरूपइस लोकसभा सीट का ज्यादातर क्षेत्र अपने नाम के अनुरूप हरिद्वार जिले से जुड़ा है, लेकिन तीन विधानसभा क्षेत्र ऐसे भी हैं, जो कि देहरादून जिले के अंतर्गत आते हैं। हरिद्वार जिले के अंतर्गत हरिद्वार, रानीपुर, हरिद्वार ग्रामीण, ज्वालापुर, पिरान कलियर, रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा, मंगलौर, खानपुर और लक्सर विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से इस लोकसभा सीट का अंग है। देहरादून जिले की धर्मपुर, डोईवाला और ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार लोकसभा सीट का हिस्सा हैं।