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चुनाव 2019: यूकेडी को वापस मिला चुनाव चिह्न कुर्सी, पांचों सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी

Sun, 24 Mar 2019 08:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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यूकेडी के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने रविवार को प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। वहीं पार्टी को उनका चुनाव चिह्न कुर्सी भी वापस मिल गया है। घोषित प्रत्याशियों में शांति भट्ट ने पौड़ी सीट से नामांकन कर लिया है। जबकि चार सीटों पर उसके प्रत्याशी सोमवार को नामांकन करेंगे। चुनाव में गैरसैंण राजधानी, पलायन और बेरोजगारी यूकेडी का प्रमुख मुद्दा रहेगा। 

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रविवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। इसमें पौड़ी से शांति भट्ट, टिहरी से डीडी शर्मा, हरिद्वार से सुरेंद्र कुमार, अल्मोड़ा से केएल आर्य, नैनीताल से चौधरी विजय पाल को चुनाव मैदान में उतारा है। पार्टी के संरक्षक काशी सिंह एरी, पुष्पेश त्रिपाठी, दिवाकर भट्ट, बीडी रतूड़ी, त्रिवेंद्र पंवार को पार्टी ने स्टार प्रचारक बनाया है। भट्ट ने कहा कि जिस मकसद से राज्य गठन की लड़ाई लड़ी गई थी।

वह आज कहीं नजर नहीं आ रहा है। भाजपा व कांग्रेस की सरकारें राज्य बनने के 19 साल के बाद भी प्रदेश की राजधानी तय नहीं कर पाई है। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य होगा जहां पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार पलायन हो रहा है और बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। पार्टी ने कोई घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों पर यूकेडी चुनाव लड़ेगी। इसमें गैरसैंण राजधानी, पलायन, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं प्रमुख मुद्दे होंगे। इस मौके पर केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास, पूर्व अध्यक्ष बीडी रतूड़ी, संरक्षक त्रिवेंद्र पंवार समेत पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार के प्रत्याशी मौजूद रहे।  

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वापस मिला चुनाव चिह्न कुर्सी

उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) को कुर्सी चुनाव चिह्न वापस मिल गया है। निर्वाचन आयोग में पैरवी करने के बाद यूकेडी को ये कामयाबी मिली है। अब लोकसभा चुनाव में यूकेडी प्रत्याशियों को कुर्सी चुनाव चिह्न ही आवंटित होगा। 

वर्ष 2012 से पहले उत्तराखंड क्रांति दल में विघटन होने के कारण निर्वाचन आयोग ने कुर्सी चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया था। त्रिवेंद्र पंवार और दिवाकर भट्ट गुट में पार्टी दो धड़ों में विभाजित हो गई थी। प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का चुनाव निशान फ्रीज होने से त्रिवेंद्र पंवार गुट को कप प्लेट और दिवाकर गुट को कटी पंतग चुनाव चिह्न मिला था। 2017 के विधानसभा चुनाव में पुष्पेश त्रिपाठी नेतृत्व वाली उत्तराखंड क्रांति दल को निर्वाचन आयोग ने कुर्सी चुनाव चिह्न आवंटित किया, लेकिन निकाय चुनाव में चिन्ह के लिए समय पर आवेदन न करने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने पार्टी को कुर्सी निशान नहीं दिया।

लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की ओर से निर्वाचन आयोग में लगातार पैरवी की गई। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने यूकेडी को कुर्सी चुनाव चिह्न आवंटित किया है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। यूकेडी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास का कहना है कि लोकसभा चुनाव में पांचों सीटों पर चुनाव पार्टी के निशान पर लड़ा जाएगा। निर्वाचन आयोग से कुर्सी चुनाव चिह्न की अनुमति मिल गई है।
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