आयोग की ओर से निर्धारित दरों के अनुसार ही प्रत्याशी के खर्च का आकलन किया जाएगा। विधानसभावार व जिलास्तर पर प्रत्याशियों के एक-एक चुनावी खर्चे की निगरानी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव खर्चे का ब्योरा देना होगा।
इसके लिए जिला व विधानसभा वार लेखा अनुश्रवण टीमों का गठन किया गया है। चुनावी खर्चों पर टीम मॉनीटरिंग करेंगी। यदि कोई प्रत्याशी चुनाव खर्चे का हिसाब आयोग को नहीं देता तो नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनावी खर्चे के लिए अलग से बैंक खाता खोलना पड़ेगा। चुनाव संबंधी खर्चों का भुगतान इसी खाते के माध्यम से किया जाएगा। 10 हजार से अधिक लेन-देन नकद नहीं होगा। इसके लिए प्रत्याशी को चेक व ऑनलाइन से ही भुगतान करना होगा। इससे यह पता चल सकेगा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी के खाते से कितनी राशि का लेन-देन हुआ है।