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नेपाल सीमा पर इस गांव में सरकारी योजनाएं हैं 'सपना', सुविधा के नाम पर है सिर्फ एक प्राइमरी स्कूल

Wed, 03 Apr 2019 05:58 PM IST
अलका त्यागी चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, थपलियालखेड़ा (चंपावत)
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थपलियालखेड़ा पोलिंग बूथ (नेपाल सीमा) - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में चंपावत जिले की अल्मोड़ा लोकसभा सीट का थपलियालखेड़ा पोलिंग बूथ नेपाल सीमा से महज 100 मीटर की दूरी पर है। सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. सुल्तान सिंह यादव ने बताया कि इस बूथ में 120 वोटर हैं। भारत का यह गांव भौगोलिक रूप से नेपाल के नजदीक है। 

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राजकीय प्राथमिक स्कूल के पोलिंग बूथ में मताधिकार करने वाले इस गांव के लोग न केवल बुनियादी सुविधाओं से दूर हैं, बल्कि अपनी ग्राम पंचायत सैलानीगोठ आने के लिए भी छह किमी की दौड़ लगानी पड़ती है। 

न बिजली है, न एएनएम केंद्र। ग्रामीण कहते हैं कि गांव में कक्षा पांच तक के एक प्राइमरी स्कूल को छोड़कर कुछ भी नहीं है। यहां तक कि सस्ते गल्ले के अनाज के लिए भी चार किमी दूर मनिहारगोठ की दौड़ लगाते हैं।

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चंपावत से 81 किमी दूर थपलियालखेड़ा गांव तीन तरफ से नेपाल से घिरा है। चौथी तरफ शारदा नदी है। 230 लोगों की आबादी वाले गांव में किसी के पास भी सरकारी योजना से आवास नहीं है। थपलियालखेड़ा में रोजगार का भी कोई जरिया नहीं है। दूध के अलावा मजदूरी पेट पालने का सहारा है। 

खेती लायक जमीन भी बमुश्किल 21 एकड़ है। गांव के मुखिया मोहन सिंह का कहना है कि गांव में पक्के निर्माण को अनुमति मिलनी चाहिए। ग्राम प्रधान बसंत राय का कहना है कि वन विभाग की जमीन में बसे होने के चलते गांव में स्थायी निर्माण और बिजली आदि नहीं आ पा रही है। अलबत्ता गांव के लोगों को सोलर लाइटें दी गईं हैं।
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