चंपावत से 81 किमी दूर थपलियालखेड़ा गांव तीन तरफ से नेपाल से घिरा है। चौथी तरफ शारदा नदी है। 230 लोगों की आबादी वाले गांव में किसी के पास भी सरकारी योजना से आवास नहीं है। थपलियालखेड़ा में रोजगार का भी कोई जरिया नहीं है। दूध के अलावा मजदूरी पेट पालने का सहारा है।
खेती लायक जमीन भी बमुश्किल 21 एकड़ है। गांव के मुखिया मोहन सिंह का कहना है कि गांव में पक्के निर्माण को अनुमति मिलनी चाहिए। ग्राम प्रधान बसंत राय का कहना है कि वन विभाग की जमीन में बसे होने के चलते गांव में स्थायी निर्माण और बिजली आदि नहीं आ पा रही है। अलबत्ता गांव के लोगों को सोलर लाइटें दी गईं हैं।