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सत्ता संग्राम 2019: चुनाव से पहले भाजपा के इन तीन बागियों की घर वापसी पर बवाल

Sun, 24 Mar 2019 12:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बीजेपी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ ताल ठोकने वाले दो पूर्व विधायक आशा नौटियाल और सुरेश चंद जैन तथा पूर्व दायित्वधारी संदीप गुप्ता की घर वापसी हो गई है। हालांकि बागियों की वापसी को लेकर भाजपा नेताओं में उबाल आ गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और रुड़की से पार्टी विधायक प्रदीप बत्रा के गले इन तीन नेताओं की वापसी नहीं उतर रही है।

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तीनों नेताओं को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इनकी घर वापसी का श्रेय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को दिया जा रहा है। तीनों पार्टी से निष्कासित थे। उनकी घर वापसी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह का भूला शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते। प्रदेश पार्टी कार्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रुड़की के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन, केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल और पूर्व दायित्वधारी व पूर्व जिलाध्यक्ष ऋषिकेश के संदीप गुप्ता को पार्टी में शामिल कराया।

इन नेताओं के समर्थक पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, ग्राम प्रधान व अन्य समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पार्टी में शामिल नेताओं को कहा कि आपकी घर वापसी बहुत विचार मंथन के बाद गुण दोष देखकर हुई है। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां सबकी सहमति नहीं बनती पर बहुमत का सम्मान किया जाता है। आप लोकसभा चुनाव में पार्टी का मत प्रतिशत बढ़ाने की कसौटी पर हैं। अब किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। आशा है कि आप पूरी ताकत से दो महीने का काम 20 दिन में करेंगे। 

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इस कार्यक्रम के निपटते-निपटते मुख्यमंत्री के बयान, ‘लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां सबकी सहमति नहीं बनती...’, का निहितार्थ सामने आ गया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और रुड़की से पार्टी विधायक प्रदीप बत्रा से सवाल करने पर उन्होंने पार्टी के फैसले पर अचरज जताया। कहा कि इस बारे में उन्हें, मंडल और जिला भाजपा को भरोसे में नहीं लिया गया। स्पीकर ने प्रश्न किया कि क्या पार्टी उन सभी नेताओं को ज्वाइन कराएगी, जिन्होंने पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा है।

दरअसल, संदीप गुप्ता व जैन ने प्रेमचंद अग्रवाल और बत्रा के खिलाफ चुनाव लड़ा था। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल विधायक, विधायक विनोद चमोली और देशराज कर्णवाल ने भी सभी पुराने कार्यकर्ताओं का पार्टी में वापसी पर पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन, भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, अनिल गोयल, बृजभूषण गैरोला, ओमवीर सिंह राघव, प्रदेश सह प्रभारी बलजीत सोनी, शादाब शम्स, महानगर मीडिया प्रभारी राजीव उनियाल उपस्थित थे।

पार्टी छोड़ने के बावजूद इनसे आपसी संबंध बने रहे और खुशी है कि व्यक्तिगत मसलों को छोड़कर इन्होंने नरेंद्र भाई मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री देखना चाहा है।
 - त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री

हम लोग बचपन से ही संघ, विद्यार्थी परिषद और भाजपा से जुड़े रहे। पूरा देश ये चाहता है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें क्योंकि देश उनके हाथों में सुरक्षित है। सभी लोग ये चाहते हैं। इसलिए हम भाजपा में शामिल हुए।
-संदीप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा 

हम परिवार में वापस आए हैं। नब्बे के दशक से पार्टी की कार्यकर्ता रही हूं। 2017 में कुछ परिस्थितियां आ गई थीं कि मजबूर होकर मुझे चुनाव लड़ना पड़ा। मन से हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं। आज हमारी घर वापसी हुई है। मैं केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व व मुख्यमंत्री की आभारी हूं।
-आशा नौटियाल, पूर्व विधायक, केदारनाथ

मैंने कांग्रेस की किसी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। मैं अपने क्षेत्र में जनता की सेवा करता रहा। जहां मेरी विचारधारा थी, मैं उससे बराबर जुड़ा रहा। मैं अपने घर में पहले भी था, अब भी हूं।
-सुरेश चंद जैन, पूर्व विधायक, रुड़की
 
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गुप्ता ने अग्रवाल के खिलाफ लड़ा था चुनाव
विधानसभा चुनाव में संदीप गुप्ता ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। संदीप को 17149 वोट मिले थे जबकि चुनाव जीतने वाले अग्रवाल को 45082 मत मिले थे। पार्टी के खिलाफ बगावत करने पर गुप्ता को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

आशा ने टिकट कटने पर छोड़ दी थी पार्टी 
केदारनाथ में पार्टी ने पूर्व विधायक आशा नौटियाल का टिकट काटकर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं विधायक शैला रानी रावत को चुनाव में उतारा था। आशा निर्दलीय चुनाव लड़ीं। उन्होंनेे चुनाव में 11786 मत पाए। शैलारानी रावत को 11472 मत मिले और वो चुनाव हार गईं। पार्टी ने आशा नौटियाल को निष्कासित कर दिया।

जैन ने भी टिकट कटने पर कर दी थी बगावत 
रुड़की विधानसभा में पार्टी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक प्रदीप बत्रा को प्रत्याशी बना दिया था। इससे नाराज होकर भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन बागी हो गए। उन्होंने 2017 के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ कांग्रेस से चुनाव लड़ा। चुनाव में जैन ने 27458 वोट लिए। चुनाव जीते बत्रा ने 39768 वोट प्राप्त किए। 
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