खंडूड़ी का पौड़ी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। मगर जब उनसे ‘अमर उजाला’ ने सवाल किया, तो वह तपाक से बोले-टिकट या चुनाव की शर्त पर कांग्रेस में नहीं आया हूं। बहुत सोच-समझकर निर्णय लिया है। यह निर्णय आज की परिस्थितियों में लेना आसान नहीं था।
उन्होंने कहा कि हाईकमान जो आदेश करेगा, उसका पालन होगा। मगर मेरी कोई दावेदारी नहीं है। एक अन्य सवाल के जवाब में खंडूड़ी ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से सच्चाई और ईमानदारी सीखी है।
ये ही उन्हें विरासत में मिला है। कांग्रेस में रहते हुए इसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि 1991 में जब उनके पिता भाजपा में आए थे, तब उनके परिवार में दादी कट्टर कांग्रेसी थीं। विचारधारा को पसंद करने का फैसला सबका अपना-अपना होता है।