सभी एआरओ के माध्यम से इन मतदाताओं तक पहुंचने के लिए रूट प्लान तैयार किया गया है। वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर पर जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आठ से दस अप्रैल तक प्रथम चरण का मतदान करने का निर्णय लिया गया था। कुछ जिलों ने अपनी सुविधा के अनुरूप परिवर्तन करने के लिए छूट दी थी। कुछ ने वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को पांच व छह अप्रैल से घर पर जाकर मतदान करवाने का निर्णय लिया है। वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को घर में जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दूसरा चरण 10 से 13 अप्रैल के बीच में किया जाएगा।
घर से मतदान के लिए जाने वाली हमारी टीम में दो पोलिंग अफसर, एक माइक्रो ऑब्जर्वर और एक सुरक्षाकर्मी शामिल होता है। मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाती है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को इसकी सूचना होती है। फिर भी अगर किसी को इस पर कोई आपत्ति हो तो वह संबंधित डीएम कार्यालय में दर्ज करा सकता है।
-विजय कुमार जोगदंडे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड