9.86 करोड़ की ड्रग्स बता रही पांव पसार रहा कारोबार
आयोग के प्रवर्तन दलों ने अपने विशेष अभियान के दौरान उत्तराखंड से 9.86 करोड़ से अधिक राशि के नशीले पदार्थ (ड्रग्स) जब्त की है। 2019 के लोकसभा चुनाव में जब्त नशीले पदार्थ की तुलना में यह कई गुना अधिक है। चुनाव आचार संहिता के बावजूद इतनी अधिक मात्रा ड्रग्स की बरामदगी न सिर्फ चिंता में डालने वाली हैं, बल्कि इसे रोकने के लिए बनाए गए तंत्र पर भी सवाल है। सामान्य दिनों में ड्रग्स की आपूर्ति कितनी मात्रा में होती होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। 2019 के लोस चुनाव में आयोग की टीमों ने 77 लाख रुपये के नशीले पदार्थ पकड़े थे। इसकी तुलना में 9.86 करोड़ की जब्ती जहां बहुत बड़ी कामयाबी है, वहीं चिंता में डालने वाली भी है। बता दें कि प्रदेश की धामी सरकार ने 2025 तक राज्य को ड्रग्स फ्री बनाने का संकल्प लिया है। चुनाव आयोग की सख्ती और सतर्कता के कारण इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त हुई।
छह करोड़ से अधिक की अवैध शराब भी पकड़ी
आयोग के टीमों ने छह करोड़ 15 लाख से अधिक धनराशि की शराब भी जब्त की है। इस शराब का भी कोई हिसाब-किताब नहीं मिला। 2019 के चुनाव की तुलना में यह लगभग दोगुनी है। 2019 के चुनाव में तीन करोड़ 39 लाख से ज्यादा की शराब पकड़ी गई थी। इसके अलावा आयोग की निगरानी टीमों ने एक स्थान दूसरे स्थान ले जाए जा रहे कीमती सामान को भी जब्त किया। वर्ष 2019 के चुनाव की तुलना में इस बार कई गुना अधिक राशि का कीमती सामान जब्त हुआ है। 2019 में ऐसे 21 लाख के आभूषण व सामान पकड़ा गया था। इस बार 3.29 करोड़ से अधिक की राशि कीमती चीजें जब्त की गई हैं।