चलाई सब्जी की दुकान
अजय भट्ट का जीवन बेहद संघर्षों से भरा रहा। वे भी कभी आजीविका के लिए चाय बेचते थे, दूनागिरी मंदिर में चूड़ी बिंदी सहित कभी सब्जी की दुकान चलाते थे। काम उम्र में पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते उन्होंने ये सब किया लेकिन समाज सेवा का जज्बा उन्हें राजनीति में ले आया। 1985 में वे भाजयुमो से जुड़े और राज्य आंदोलन में भी सक्रिय रहे। 1996 से 2007 तक वे विधायक रहे। बाद में भाजपा के अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष भी रहे। 2017 में जब उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की पूरी संभावना थी तभी वे चुनाव हार गए और सीएम बनने से चूक गए लेकिन उनकी संगठन में सक्रियता और जनता पर पकड़ को देखते हुए भाजपा ने 2019 में लोकसभा का टिकट दिया और वे दिग्गज नेता हरीश रावत को रिकॉर्ड 339096 मतों से पराजित कर सांसद बने। 7 जुलाई 2021 को उन्हें पर्यटन और रक्षा राज्य मंत्री का दायित्व दिया गया।
ये रहीं प्रमुख उपलब्धियां
अजय भट्ट को बतौर मंत्री केवल ढाई वर्ष का कार्यकाल मिला। लेकिन इस अवधि में और पूर्व में बतौर सांसद उन्होंने जमरानी बांध की स्वीकृति, काठगोदाम नैनीताल रोपवे, सात सौ करोड़ से हल्द्वानी नैनीताल मार्ग को डबल लेन बनवाने, रामगढ़ में विश्व भारती केंद्रीय विवि कैंपस की स्वीकृति के अलावा नैनीताल, भवाली में पार्किंग, सुशीला तिवारी अस्पताल में कैथ लैब, काठगोदाम अमृतसर ट्रेन, हल्द्वानी में केरल की तर्ज पर आयुर्वेदिक अस्पताल, दो सौ करोड़ से बलियानाले के उपचार, खैरना पुल निर्माण, कुमाऊं में एम्स के सैटेलाइट सेंटर, हर घर नल योजना सहित दर्जनों कार्यों को स्वीकृत और प्रारंभ करवाया। उनके सांसद प्रतिनिधि के रूप में गोपाल रावत ने भी सभी कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।