बता दें कि वर्ष 2014 में हुए आमचुनाव में उत्तराखंड की पांचों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। अल्मोड़ा सीट पर भाजपा के अजय टम्टा ने जीत दर्ज की थी, उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को मात दी थी।
पौड़ी गढ़वाल सीट पर भाजपा के भुवनचंद्र खंडूरी ने कांग्रेस के हरक सिंह रावत को, हरिद्वार सीट पर भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक ने कांग्रेस की रेणुका रावत को, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट पर भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी ने कांग्रेस के केसी सिंह बाबा और टिहरी गढ़वाल सीट पर भाजपा की माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कांग्रेस के साकेत बहुगुणा को हराकर जीत दर्ज की थी।
प्रमुख मुद्दे:
उत्तराखंड में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। प्रदेश में 9.50 लाख पंजीकृत बेरोजगार हैं। पलायन दूसरा बड़ा मुद्दा है। रोजगार के अभाव में 734 गांव आबादी विहीन हो चुके हैं। इसके अलावा भाजपा सर्जिकल स्ट्राइक, भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस, आर्थिक आरक्षण, किसान पेंशन, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को भुना रही है। वहीं कांग्रेस ने किसानों की कर्जमाफी, भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस का दावा फेल होने और लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा बनाया है।
प्रमुख चेहरे:
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा और भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, सांसद अनिल बलूनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, एआईसीसी के महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश।