यह सब पीठासीन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में की है। जिससे किसी तरह की गड़बड़ी होने की आशंका नहीं है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेंद्र शाह, प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ.आरपी रतूड़ी, महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, पीसीसी सदस्य राजेश चमोली, राकेश नेगी, लेखराज अग्रवाल, सुनित राठौर, निहाल सिंह, आदेश कुमार मौजूद रहे।
ये है मॉक पोल की प्रक्रिया
मतदान से पहले ईवीएम मशीनों की चेकिंग करने के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक पोलिंग बूथ पर 50 मतों का मॉक पोल कराया था। मॉक पोल में किस प्रत्याशी को कितने मत मिले, इसका बकायदा पीठासीन अधिकारी की तरफ से प्रमाण पत्र और वीवीपैट की पर्ची को सील बंद लिफाफे में रखा गया। इसके बाद सीयू और वीवीपैट से मॉक पोल को हटाया जाना था। निर्वाचन आयोग का कहना है कि यदि सीयू व वीवीपैट से किसी वजह से मॉक पोल के मतों को नहीं हटाया गया तो भी प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड से यह पता लग सकेगा कि किसे कितने मत मिले थे। उसी के अनुसार प्रत्याशी के कुल मतों से मॉक पोल के मतों को कम किया जाएगा।