गुजरात के सूरत से हरिद्वार पहुंची श्रमिक एक्सप्रेस में बैठे 167 प्रवासियों का पता नहीं चल पा रहा है। एक साथ इतने लोगों के लापता होने से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। जिला प्रशासन अब इन लोगों की खोजबीन में जुट गया है। डीएम सी रविशंकर का कहना है कि यदि ये लोग खुद सामने नहीं आए तो चिह्नित कर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मंगलवार रात को सूरत से जो श्रमिक एक्सप्रेस यहां पहुंची थी, उसमें 1340 लोगों के सवार होने की बात बताई गई थी। बताया जाता है कि रात में जब एक-एक बोगी से लोगों को उतारकर उनकी गिनती की गई तो कुल 1173 लोग ही निकले। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी हरकत में आए और सूरत के अधिकारियों से संपर्क किया।
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डीएम सी रविशंकर ने बताया कि ट्रेन रास्ते में कहीं रुकी है या इसकी गति धीमी होने के दौरान लोग उतरे हैं, इस बारे में भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही सूरत के अधिकारियों से संपर्क कर सभी लोगों के नाम और पते मांगे जा रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कितने लोग वहां से ट्रेन में सवार हुए। अगर यह सामने आया कि ये लोग रास्ते में ट्रेन से उतरे हैं और खुद सामने नहीं आए तो सभी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।