पहला हेल्पलाइन नंबर, जिसमें प्रोफेशनल काउंसलर्स की टीम द्वारा केस को देखा जा रहा है। यह काउंसिलिंग सेवा हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। दूसरा फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार इस विषय पर जागरूकता लाई जा रही है। हेल्पलाइन नंबर पर अभी तक 14 अप्रैल से 12 राज्यों से 200 से ज्यादा कॉल्स अटेंड की गई हैं।
‘‘यो जिन्दगी’’ से जुड़ी काउंसलर स्निग्धा नायर ने बताया कि डॉकडाउन के दौरान डिप्रेशन, घबराहट, मानसिक तनाव जैसी समस्याएं अचानक बढ़ गई हैं। हर दिन तक़रीबन 20 से ज्यादा केस देखे जा रहे हैं। अधिकतर केस में डिप्रेशन और घबराहट की पहली स्टेज है पर इस के प्रभाव लॉकडाउन के दौरान और आगे भी जारी रहने का खतरा है।
निश्चित तौर पर लॉकडाउन के इस वातावरण में सामंजस्य बैठाना मुश्किल है, लेकिन यही प्रकृति का नियम भी है। जब भी सृष्टि में कुछ बदलाव होते हैं तो हमें ही उसके अनुरूप बदलना पड़ता है। यह कहना है जाने-माने मनोचिकित्सक डॉ. नंदकिशोर का। उनकी मानें तो अभी अनिश्चितता का दौर चल रहा है। हो सकता है, यह लंबा चले। जो लोग अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए, वे परेशान हैं।
कुछ लोग बच्चों की पढ़ाई को लेकर उलझन में हैं। अवसाद, तनाव, अनिद्रा और असुरक्षा की भावना, ये सब मानसिक बीमारियों के लक्षण हैं। हम सब लोग इस व्यक्त एक विश्वव्यापी लड़ाई लड़ रहे हैं। तनाव और अवसाद से दूर रहना है तो अपने भीतर राष्ट्रीयता की भावना को जागृत करें। जब हम राष्ट्र के बारे में सोचते हैं, तो खुद की नीजि परेशानियां हमें खुद-ब-खुद छोटी लगने लगती हैं।
मानसिक तनाव और डिप्रेशन, स्वस्थ और सेहतमंद जीवनशैली को बेहद प्रभावित करता है। इसका प्रभाव न केवल आपके मन व मस्तिष्क पर नकारात्मक रूप से पड़ता है, बल्कि यह आपको शारीरिक रूप से भी कमजोर कर देता है। डिप्रेशन से बचने के लिए उसे जानना और दूर करने का प्रयास करना बहुत जरूरी है।
1- सबसे पहले डिप्रेशन दूर करने के लिए आठ घंटे की नींद लें। नींद पूरी होगी तो दिमाग तरोताजा होगा और नकारात्मक भाव मन में कम आएंगे।
2- प्रतिदिन सूरज की रोशनी में कुछ देर जरूर रहें।
3- व्यायाम अवसाद को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। इससे न केवल एक अच्छी सेहत मिलती है, बल्कि शरीर में एक सकारात्मक उर्जा का संचार भी होता है। व्यायाम करने से शरीर में सेरोटोनिन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोंस का स्त्राव होता है, जिससे दिमाग स्थिर होता है और अवसाद देने वाले बुरे विचार दूर रहते हैं।
4- कोई भी ऐसे लोगों के बीच में रहना पसंद नहीं करता जो कि लगातार दूसरों को नीचे गिराने में लगे रहते हैं। ऐसे लोगों से दूर रहने से मन को शांति और विवेक प्रदान करने में आपको मदद मिलेगी।
5- दिनभर टीवी चैनलों पर चलने वाली न्यूज से दूर रहें। फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम आदि सोशल साइट पर लगातार न बने रहें।
6- परिवार के साथ समय बिताएं, बच्चों को नए गेम्स सिखाएं, अपने वे शौक पूरा करें, जिन्हें आप हमेशा से करना चाहते थे, लेकिन समयाभाव के कारण पूरा नहीं कर पा रहे थे।
7- नेगेटिविटी से बचें, पॉजिटिव होने की कोशिश करें।
8- दूरदर्शन पर इन दिनों रामायण और महाभारत फिर से शुरू हो गई है। आप इन सीरियल को देखना शुरू करें। निश्चित तौर पर आपका अकेलापन दूर होगा। आप अपने भीतर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस करेंगे।
9- सुबह और शाम के समय ध्यान-योग के लिए एक समय निश्चित कर लें। ऐसा करने से आपको शांति मिलेगी और मन में सकारात्मक विचारों की उत्पत्ति होगी।
10- अंत में इस बात पर मंथन करें। इस पृथ्वी में कुछ भी स्थायी नहीं है। ये एक बुरा वक्त है, जो कुछ दिन बाद खत्म हो जाएगा। आशावादी बनें।