कोरोना लॉकडाउन की वजह से सराफा बाजार की चमक फीकी पड़ गई है। इस बार जहां शादियों का सीजन न होने से काम प्रभावित हुआ है, वहीं रोजमर्रा का कारोबार भी नहीं हो पा रहा है। इस पेशे से जुड़े करीब 700 स्वर्णकार और करीब 900 सराफा कारोबारियों के लिए यह मुश्किल समय है।
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष पंकज मैसॉन का कहना है कि वैसे तो इस पेशे से करीब 7000 लोग अलग-अलग तरह से जुड़े हैं लेकिन सीधे तौर पर करीब 700 स्वर्णकार हैं, जो फिलहाल बेरोजगार से हो गए हैं। इनमें पॉलिश करने वाला, कटिंग करने वाला, सोना गलाने वाला सहित कई तरह के कारीगर हैं, जो सराफा कारोबारियों से काम लेकर या तो दुकान पर करते हैं या फिर अपने घरों पर करते हैं।