बुधवार को दिनभर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उस कार्यक्रम की वीडियो की पड़ताल करते रहे। वीडियो में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उनके भाई मुकेश कौशिक, साध्वी विश्वेश्वरी देवी, कई संत और पार्टी कार्यकर्ता दिख रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री कौशिक का कहना था कि वह कार्यक्रम में गए जरूर थे, लेकिन अपने हाथ से राशन नहीं बांटा। केवल कार्यकर्ताओं की हौसलाफजाई कर लौट आए थे। साथ ही संक्रमित युवक उनके जाने से करीब दो घंटे पहले ही आकर चला गया था। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि इस संबंध में कराई गई जांच में प्राथमिक तौर पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक संक्रमित युवक के सीधे संपर्क में आए हो।
लिहाजा उन्हें क्वारंटीन करने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। हालांकि, कार्यक्रम में संक्रमित के सीधे संपर्क में आए अन्य लोगों को चिह्नित कर क्वारंटीन किया जाएगा। भवन को भी पाबंद करने पर विचार किया जा रहा है।