उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न स्थानों से ड्यूटी पर आने वाले सेना, अर्द्ध सैनिक बलों के अधिकारी व जवान तथा उनके परिजनों के लिए संबंधित यूनिट के कैंप में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखे जा सकेंगे।
जांच के बाद नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य जांच टीम की संस्तुति पर संबंधित यूनिट में रखने की अनुमति शासन की ओर से दी जाएगी। उनके मुताबिक जिले में अब तक करीब 1400 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
डीएम ने बताया कि विदेश या दूसरे राज्य से वाले प्रवासियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 14 दिन का इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन जरूरी है। इसके लिए बनाए गए सेंटरों में भोजन, बिस्तर, बिजली, पानी, पंखे आदि के लिए शिक्षकों को तैनात किया गया है। साथ ही चिकित्सकीय स्टाफ की मदद के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती भी की गई है।