ठेकों पर यह खेल खुलेआम आम हो रहा है, लेकिन लेकिन अधिकारियों ने आंखें बंद कर ली हैं। कुछ लोगों ने मंगलवार को इसकी शिकायत मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल तक कर दी। ऐसे में अधिकारियों के कान खड़े हुए तो उन्होंने ठेका संचालकों और अधीनस्थों को हिदायत दी।
इधर, बुधवार को ठेके खुलने का तीसरा दिन था। ऐसे में सोमवार की अपेक्षा भीड़ कम देखने को मिली। सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक बिना किसी विवाद के शराब की बिक्री शहर और आसपास के क्षेत्रों में की गई।
दो दिन में बिकी ढाई करोड़ की शराब
आबकारी विभाग के मुुताबिक सेेमवार को लगभग एक करोड़ रुपये की शराब बिकी थी। मंगलवार को देसी मदिरा की दुकानें भी खुल गईं। विभाग के आंकलन के मुताबिक मंगलवार का आंकड़ा लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। ऐसे में दो दिनों में लगभग ढाई करोड़ रुपये की शराब जिले में बेची गई।
एक ब्रांड की आपूर्ति में दिक्कत
एक ब्रांड की शराब मिलने में लगातार दूसरे दिन भी दिक्कत सामने आई। एक नामी कंपनी की मनमानी का संज्ञान जब शासन के एक अधिकारी ने लिया तो उन्होंने स्थानीय अधकारी को एफएलटू के गोदाम में भेजकर दो चार ठेकों को आपूर्ति सुनिश्चित कराई। बताया जा रहा है कि इस नामी कंपनी की शराब की आपूर्ति में अभी दिक्कत सामने आ सकती है।