कारोबारी और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ खेल अब तक हुई शराब की बिक्री के दौरान शराब कारोबारियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चाएं हैं। मार्च में नौ दिन ठेके नहीं खुले।
यदि यह स्टॉक उन्हें नए दामों पर बेचना पड़ता तो नुकसान भी उठाना पड़ता। ऐसे में चर्चा है कि 100 से 200 रुपये प्रति बोतल का यह खेल विभाग और कारोबारियों की मिलीभगत से खेला गया। दो दिनों तक विभागीय अमले के ठेकों पर मौजूद होने के बावजूद भी ओवर रेटिंग हुई। शिकायतें तमाम जगहों से आईं, लेकिन बुधवार को कार्रवाई सिर्फ एक जगह हुई। ऐसे में माना जा रहा है कि इसकी आड़ में फायदा उठाने को जो खेल खेला गया वह विभागीय अधिकारी और कारोबारी अच्छे से खेल गए।
प्रेमनगर में ओवररेटिंग का विरोध में ठेके पर हुआ हंगामा
प्रेमनगर में बुधवार को ओवररेटिंग का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने हंगामा भी किया। इसके बाद मौके पर पहुंची विभाग टीम ने जांच के नाम पर खानापूर्ति कर लोगों को शांत कराया। इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी दूर रखा गया ताकि सच्चाई सामने न आ सके। वहां से शराब खरीदकर निकले कई लोगों ने बताया कि ठेके में खुलेआम ओवररेटिंग हो रही है। विरोध करने पर कर्मचारी शराब देने से मना कर देते हैं और वहां से भगा देते हैं। ऐसे में काफी देर तक लाइन में लगने के बाद लोगों को मजबूरन ज्यादा दाम देने पड़ रहे हैं।