लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को लेकर देहरादून से अल्मोड़ा जा रही सिटी बस का उत्तर प्रदेश पुलिस ने चिड़ियापुर चेकपोस्ट पर 4000 रुपये का चालान काट दिया। इस कार्रवाई पर सिटी बस संचालकों में रोष है। उनका कहना है कि यदि अगर यही स्थिति रही तो विभाग को गाड़ियां नहीं दी जाएंगी।
घटनाक्रम के मुताबिक गुरुवार को देहरादून की सिटी बस 26 प्रवासियों को लेकर अल्मोड़ा जा रही थी, लेकिन सिटी बस जैसे ही यूपी की सीमा पर चिड़ियापुर चेकपोस्ट पर पहुंची तो यूपी पुलिस ने गाड़ी को रोक लिया। चालक व परिचालक ने जिला प्रशासन की ओर से मुहैया कराए कागजात दिखाए, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने कागजात पूरे न होने और चालक के सीट बेल्ट न लगाते सहित कई खामियां बताते हुए 4000 रुपये का चालान काट दिया।
देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल का कहना है कि सिटी बस संचालक संकट की इस घड़ी में गाड़ियां मुहैया करा रहे हैं और पुलिस गाड़ियों का चालान काट रही है। गाड़ियों के अधिग्रहण के लिए उन्हें प्रतिदिन 1200 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में यदि 4000 रुपये का चालान हो जाएगा तो गाड़ियों का संचालन करना मुश्किल होगा।
लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न शहरों में फंसे प्रवासियों के कोटद्वार पहुंचने का दौर जारी है। शनिवार को राजस्थान के विभिन्न शहरों से हरिद्वार पहुंचे पौड़ी जिले के साथ ब्लाकों के 73 प्रवासियों को दो रोडवेज बसों से कोटद्वार लाया गया।
शनिवार को दोनों बसों को सीधे ग्रास्टनगंज पंचायत भवन परिसर में लाया गया। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी यात्रियों की एक-एक कर थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद स्वास्थ कर्मियों ने उनसे आवश्यक जानकारी ली और राजस्व कर्मचारियों ने उनके हाथ पर होम क्वारंटीन की मोहर लगाई।
इसके बाद सभी प्रवासी लोगों को पौड़ी जिले के दुगड्डा, यमकेश्वर, द्वारीखाल, जयहरीखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा और बीरोंखाल ब्लाकों की ओर रोडवेज की बस से भेजा दिया गया। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन करने वाले क्षेत्र में रह रहे पश्चिम बंगाल के 36 लोगों को उनके गांव जाने के लिए हरिद्वार भेज दिया गया है।
हरिद्वार से रेल के माध्यम से उन्हें बंगाल भेज दिया जाएगा। तहसीलदार डबल सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार पहुंचे राजस्थान के 73 लोगों को उनके घर भेज दिया गया है। पश्चिम बंगाल के 36 लोगों को भी कोटद्वार से हरिद्वार भेज दिया गया है।
जनपद पौड़ी में इच्छुक प्रवासी ग्रामीण सस्ता-गल्ला विक्रेता बन सकता है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बिना सस्ता-गल्ला वाली ग्राम पंचायतों में इच्छुक प्रवासी युवाओं को रोजगार से जोडने के लिए उन्हें दुकान दिए जाने के निर्देश दिए।
कहा कि पांच लाख से कम वार्षिक आय वाले प्रवासी ग्रामीणों को राज्य खाद्य योजना का राशन कार्ड प्रदान किया जाएगा। वहीं डीएम ने जिले में चाय की दुकानों को खोलने की अनुमति भी प्रदान कर दी है।
भोपाल से आए युवक को खांसी होने पर आइसोलेशन वार्ड में किया भर्ती
मध्य प्रदेश के भोपाल से आए एक युवक को खांसी की शिकायत होने पर जांच के लिए श्रीनगर बेस अस्पताल भेज दिया गया। युवक के साथ वाहन में सफर करने वालों को उसी के साथ अस्पताल भेजा गया है। बेस अस्पताल में सभी को फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।
दो लोगों को जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा
हरिद्वार जिले के खानपुर में हरियाणा के रेड जोन में शामिल सोनीपत जिले से लौटे क्षेत्र के तुगलपुर और माडाबेला गांव निवासी दो व्यक्तियों को हल्का बुखार होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बॉर्डर से जांच के लिए रुड़की अस्पताल भेज दिया है।
खानपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि बाहरी प्रदेशों से रोजाना क्षेत्र में लोग वापस लौट रहे हैं। शनिवार सुबह को हरियाणा के जिला सोनीपत (कोरोना वायरस के चलते रेड जोन में शामिल) से क्षेत्र के तुगलपुर और माडाबेला गांव के दो लोग वापस आए थे।
जब उनकी खानपुर पुरकाजी बॉर्डर पर प्राथमिक जांच कराई तो उन्हें हल्का बुखार पाया गया। एहतियात के तौर पर दोनों को जांच के लिए रुड़की सिविल अस्पताल भेज दिया गया है।