गढ़वाल की बात करें तो यहां नारायणबगड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में लॉकडाउन थ्री की पहले दिन जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। वाहनों का आवागमन रोज की तुलना में अधिकर दिखा। जाम की स्थिति भी बनी। बदरीनाथ हाईवे पर चमोली बाजार में बैंक के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई।
कर्णप्रयाग में सरकारी ऑफिर और दुकानें खुलीं। उत्तरकाशी, कोटद्वार, रुद्रप्रयाग, पुरोला में बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ आई। उत्तरकाशी के बड़कोट में पुलिस ने बिना अनुमति के खुली दुकानों को जबरन बंद कराया।
शराब की दुकानों पर ज्यादा भीड़
हल्द्वानी और पिथौरागढ़ में भी दुकानें खुलीं, लेकिन शराब की दुकानों पर ज्यादा भीड़ नजर आई। अल्मोड़ा में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए लोगों ने शराब खरीदी। परमिशन लेने के लिए हल्द्वानी एसडीएम कोर्ट में लोगों की भीड़ लगी रही। हल्द्वानी कालाढूंगी रोड स्थित कार्यालय अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड में भी काम हुआ।
भीमताल में विकास भवन में सीमित संख्या में कर्मचारी पहुंचे। लोहाघाट में लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। बाजपुर में दुकानें खुलते ही चलह-पहल बढ़ गई। ऊधमसिंह नगर में शराब की दुकानें नहीं खोली गईं।
रुद्रपुर जिले में ओड ईवन फॉर्मूले के तहत बाजार में दुकानें खुल गयी है। प्रशासन की ओर से देर रात आदेश जारी होने की वजह से सभी व्यापारियों तक मैसेज नहीं पहुंचने की वजह से सुबह बाजार में कई जगह दोनों तरफ दुकान खुल गयी थी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बाजार में पुलिस के साथ घूमकर सिर्फ बायीं तरफ की दुकानों को खोलने की अनुमति होने की बात कहकर दांयी तरफ की दुकानों को बंद करवा दिया।
रुड़की तहसील परिसर में रजिस्ट्री कार्यालय खुलने के साथ ही वकीलों ने भी अपने चैंबर खोल लिए। सूचना मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने चैंबर बंद कराकर रजिस्ट्री का काम रुकवा दिया। वहीं, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को केवल कार्यालयी काम निपटाने के निर्देश दिए। उनका कहना कि डीएम के आदेश पर ही आगे की व्यवस्था तय की
जाएगी। उधर, लक्सर में भी वकीलों ने रजिस्ट्री प्रक्रिया बंद कराने की मांग की है।
सोमवार सुबह रुड़की तहसील में रजिस्ट्री कार्यालय खुलने के साथ ही सात-आठ लोग रजिस्ट्री कराने पहुंच गए। वकीलों ने भी अपने चैंबर खोल दिए। वहीं, अपने दफ्तर पहुंचीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल को जैसे ही पता चला तो उन्होंने जमीनों की रजिस्ट्री के काम पर रोक लगा दी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कार्यालयी कार्य की निपटाएं। दूसरी ओर, लक्सर तहसील के संगठनों ने रजिस्ट्री कार्यालय खुलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने एसडीएम से मुलाकात कर तहसील में रजिस्ट्री प्रक्रिया बंद करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में भारी भीड़ उमड़ेगी और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा।
सोमवार को सरकारी कार्यालयों के साथ लक्सर तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी खुल गया। इस बीच सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप सिंह पुंडीर, मनोज सैनी, राजेश सैनी, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुशल पाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार आदि ने अलग-अलग एसडीएम पूरण सिंह राणा से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर बेहद छोटा है।
यहां 200 से अधिक वकील, उनके मुंशी, टाइपिस्ट भी आते हैं। रजिस्ट्री कार्यालय खुलने के बाद यहां स्थानीय लोगों के साथ दूसरे प्रदेशों के लोग भी आएंगे। लिहाजा फिलहाल रजिस्ट्री कार्यालय बंद होना चाहिए। एसडीम पूरण सिंह राणा ने उनकी बात डीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि डीएम के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भाजपा ग्रामीण मंडल पूर्व अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता से वीडियो कॉल कर किसानों की समस्याओं की जानकारी ली और सुझाव मांगे।
रविवार की रात्रि को 8 बजे भाजपा ग्रामीण मंडल के पूर्व अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता के मोबाइल पर कॉल आई कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उनसे वार्ता करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने भाजपा नेता और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
किसानों की समस्याओं की जानकारी ली और सुझाव मांगे भाजपा नेता ने कहा कि बेमौसम हुई वर्षा के कारण फसलें नष्ट हो गई हैं। गन्ने मूल्य का चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रही हैं। भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं। किसानों की आर्थिक हालत दयनीय हो गई है।
देहरादून से 59 और हल्द्वानी, रुद्रपुर से पहुंचे 15 लोग, सभी को होम क्वारंटीन किया
ग्रीन जोन में लौटने की छूट के बाद बागेश्वर जिले के प्रवासी लोग लौटने लगे हैं। सोमवार को देहरादून से 59 और हल्द्वानी, रुद्रपुर से पहुंचे 15 लोग बागेश्वर पहुंचे। सभी लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
सोमवार की सुबह देहरादून से दो बसों में 59 लोग बागेश्वर पहुंचे। बिलौना रोडवेज स्टेशन परिसर में इन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। देहरादून से लौटे अधिकांश युवा पढ़ाई के सिलसिले में देहरादून में थे। देहरादून से लौटे कांडा ने प्रकाश ने बताया कि कोरोना के चलते कॉलेज बंद हो गए हैं। कॉलेज खुलने के बाद देहरादून जाएंगे। कपकोट के रवि, विनोद का भी यही कहना था।