पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लॉकडाउन में ड्यूटी के दौरान सड़कें खाली पड़ी हैं। लिहाजा गश्त गाड़ी से न कर पैदल ही करने का यह अच्छा और पहला मौका मिला है। ड्यूटी के दौरान सुबह और शाम में पैदल गश्त करने का सुखद अहसास हो रहा है।
रोजाना करीब दस किमी तक पैदल चल रहे हैं। इसके परिणाम काफी चौंकाने वाले और सुखद हैं। फिटनेस में काफी सुधार आया है। कई अधिकारियों का वजन छह से नौ किलो तक कम हो गया है।
एसपी देहात एसके सिंह का कहना है कि वे तो वाहन और दफ्तर में एसी का भी प्रयोग नहीं करते। क्योंकि, शरीर का तापमान जितना कम होता है, इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर पड़ता जाता है।
एसपी देहात एसके सिंह : पांच किलो
सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट : नौ किलो
सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह : छह किलो
गंगनहर कोतवाली प्रभारी राजेश साह : तीन किलो
सोत बी पुलिस चौकी प्रभारी अंकुर शर्मा : छह किलो
एसआई नरेंद्र सिंह : पांच किलो
पुलिस की फिटनेस सही रहना यह एक महत्वपूर्ण बात है। लॉकडाउन में पैदल और साइकिल से पुलिस जिले में गश्त कर रही है। यह एक अच्छा कार्य है। इससे फिटनेस में और भी सुधार आ रहा है। यह पुलिस की फिटनेस के लिए अच्छी खबर है।
- डी. सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी