सरकार इन्हें लाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि वह राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कमैन एक्ट 1979 का पालन कर पा रही है या नहीं।
मंगलवार को सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासियों की जांच और देखभाल के लिए राज्य सरकार ने 49 रिलीफ कैंप (राहत शिविर) लगाए हैं, जिनमें जांच की जा रही है। पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने राज्य में आ रहे बाहरी लोगों और प्रवासियों की बॉर्डर पर थर्मल, रैपिड और एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को 15 मई तक का समय दिया है।