कोरोना के कारण लॉकडाउन की वजह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार तीन स्तर पर रणनीति बनाकर काम करेगी। सोमवार को सचिवालय में हुई मैराथन बैठक में पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने करीब साढ़े तीन घंटे तक अर्थव्यवस्था के इस मुद्दे पर मंथन किया। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, विभागीय सचिवों की मौजूदगी में इस बैठक में लॉकडाउन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने को बातचीत हुई।
यह तय किया गया कि रणनीति भी तीन स्तर पर तैयार की जाए। पहले यह देख लिया जाए कि कम अवधि के लक्ष्य क्या होंगे, इसके बाद यह देखा जाए कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए मध्यम और लंबी अवधि के लिए सरकार क्या उपाय करे। इसके बाद कमेटी ने अंतरिम रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंपी।
समिति के सुझाव
- धरातल पर अर्थव्यवस्था सुधार के लिए बैंकों का सहयोग लिया जाए
- पर्यटन और संबंधित उद्योग भी प्रभावित हुए हैं। तीन स्तर पर सरकार काम करे। कम समय
और लंबे समय के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाएं।
- जिला और ब्लॉक के स्तर पर जिलाधिकारियों के जरिये अध्ययन कराया जाए।
- राजस्व के नए स्रोतों को खोजा जाए।
- हर जिले में क्लस्टर बनाकर काम किया जाए, श्रमिकों की समस्याओं पर भी बात हो और खर्च पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
- पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के मुताबिक चार धाम यात्रा के तहत व्यवसाय करीब दो हजार करोड़ रुपये का होता है। पर्वतीय जिलों में यात्रा को छूट दी जाए तो लोग अपना व्यवसाय भी कर सकते हैं।
- सभी विभागों को रिपोर्ट के आधार पर काम करने को कहा गया है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
जल्द सौंप देंगे विस्तृत रिपोर्ट
कमेटी के अध्यक्ष इंदु कुमार पांडे का कहना है कि बैठक में सभी अधिकारियों का फीडबैक लिया गया। जल्द ही सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भी सौंप दी जाएगी।