राजधानी में लॉकडाउन के दौरान आत्महत्या की घटनाएं बढ़ीं हैं। अप्रैल में 13 लोगों ने अपनी जान दी। जबकि मई में अब तक छह लोग खुदकुशी कर चुके हैं। इनमें किशोर भी शामिल हैं। इन्हें परिजनों की फटकार इतनी बुरी लग रही है कि वह सीधे मौत को गले लगा रहे हैं।
खुदकुशी की घटनाओं के लिए पुलिस अप्रैल और मई माह को संवेदनशील मानती है। इन दोनों माह में कई परीक्षाओं के परिणाम आते हैं। लेकिन, इस बार पूरे देश में लॉकडाउन है। इस साल के जनवरी में 17 लोगों ने जान दी थी। फरवरी में यह संख्या आठ दर्ज की गई।
मार्च में संख्या घटकर छह रह गई। पूरे अप्रैल में लॉकडाउन रहा। इस अवधि में 13 लोगों ने अपनी जान दी। इनमें अधिकांश लोग पारिवारिक कलह के कारण फंदे पर झूले। इस माह में अभी तक छह लोग अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके हैं।