अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति की ओर से बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल बजा दिया गया। पहले ही दिन पेयजल निगम के प्रदेश के 60 कार्यालयों में तालाबंदी करने का दावा किया गया। आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन में करीब तीन हजार कर्मचारियों के शामिल होने का भी दावा किया है।
मोहिनी रोड स्थित पेयजल निगम मुख्यालय में सुबह 11 बजे तालाबंदी की गई। इस मौके पर समिति के मीडिया प्रभारी रामकुमार ने कहा कि चार माह से कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कर्मचारी लगातार मांगों के समर्थन में धरने पर बैठ रहे हैं, लेकिन किसी ने उनसे बातचीत नहीं की। अध्यक्ष एके चतुर्वेदी ने कहा कि निगम के एमडी की गाड़ी को छोड़कर बाकी सभी सरकारी वाहन खड़े करा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पेयजल निगम के पास देने के लिए धन नहीं है तो कर्मचारियों को किसी दूसरे विभाग में समायोजित कर दिया जाए। तालाबंदी करने वालों में संजीव कुमार, कुशलानंद, निजामुद्दीन, पीके अग्रवाल आदि शामिल थे।
दी चेतावनी, नहीं मनाएंगे होली
पेयजल निगम सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन महीने की पेंशन होली से पहले नहीं दी गई तो वह होली नहीं मनाएंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश भंडारी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारी जहां घर में आराम करते हैं, वहीं उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकार तक नहीं मिल पा रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो सेवानिवृत्त कर्मचारी इस बार होली नहीं मनाएंगे।