26 अप्रैल से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू हो जाएगी। प्रशासन 20 अप्रैल तक सभी तैयारियां पूरी करने का दावा कर रहा है। लेकिन इस दावे की पुष्टि यहां की स्थिति और हो रहे काम नहीं करते।
धाम में अब भी छह फीट तक बर्फ जमी है। ऐसे में यहां सुविधाएं जुटाना प्रशासन के लिए काफी चनौतीपूर्ण है। हर दिन बिगड़ रहा मौसम का मिजाज भी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रहा है।
बदरीनाथ धाम के आठ किमी पहले से ही बदरीनाथ हाईवे पर बर्फ पटी पड़ी है। चार बड़े हिमखंड अभी सीमा सड़क संगठन के लिए चुनौती बने हुए हैं। बदरीनाथ धाम में देवदर्शनी से लेकर बदरीनाथ थाने तक करीब 30 अस्थायी दुकानें और 10 स्थायी दुकानें बर्फ से ढकी हुई हैं।
बदरीनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर भी छह फीट बर्फ है। धाम के कपाट खुलने में समय कम और काम ज्यादा है। अभी तक धाम में बिजली, पानी और संचार की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। धाम में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पहुंचे कर्मचारी और मजदूर भी अत्याधिक बर्फ के चलते काम नहीं कर पा रहे हैं।
कर्मचारी और मजदूर धाम में बर्फ पिघलने का इंतजार कर रहे हैं। बदरीनाथ बाजार में भी बर्फ का यही हाल है। हालांकि मंदिर परिसर में मंदिर समिति के मजदूरों द्वारा बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।