दुर्घटना का शिकार हुआ अनुभव अपने परिवार का बड़ा बेटा था। उससे छोटे तीन भाई और एक बहन बताई गई है। पिता आशीष प्राइवेट वाहन चलाते हैं। बेटे की मौत से मां और पिता का रोते-रोते बुरा हाल है।
बेतरतीब बना है फुट ओवरब्रिज
रेलवे विभाग ने पटरी पार करने को फुट ओवर ब्रिज बना रखा है। सीढ़ियों के बजाय ओवरब्रिज पर रैंप बने हैं, जिस पर चढ़ना आसान नहीं है। स्कूली बच्चों के अलावा आसपास के गांवाें के लोग भी फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय पटरी को पार कर निकलते हैं। लोगों का कहना है कि फुट ओवरब्रिज बेतरतीब होने के कारण बेहद कम लोग ही इसका इस्तेमाल करते हैं।
नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
केवि के छात्र अनुभव की मौत से इलाके के लोग बेहद आक्रोशित हैं। अधिवक्ता स्वराज रावत का कहना है कि दुर्घटना रोकने को पटरी के दोनों तरफ रेलिंग नहीं है। ओवरब्रिज बनने के बाद यहां से फाटक हटा दिया गया। इस कारण ट्रेन के आने का पता ही नहीं चलता। कुछ समय पहले यहां आए केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के सामने लोगों ने यह मुद्दा उठाया था। निशंक ने सुरक्षा की दृष्टि से यहां अंडर पास बनाने का भरोसा दिया था, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।