इसके अलावा महिला जगत की साहित्यकार और लेखक प्रीता एम. ठाकुर, रूबी गुप्ता, शशि ठाकुर, अंगा जोगलेकर और अपर्णा शर्मा फेस्टिवल में महिला उत्थान को लेकर एक सत्र किया जाएगा।
साहित्यकार डॉ. विष्णु दत्त राकेश का रचना संसार पर विशेष सत्र होगा। संस्कृत और उर्दू के गंगा जमुनी के रूप में संस्कृत की कविता और उर्दू की शायरी का भव्य संगम भी होगा। फेस्टिवल में युवा साहित्यकारों, रचनाकार और लेखकों को भी मंच मिलेगा।
स्वामी ज्ञाननंद महाराज गीता सत्र को संबोधित करेंगे। अंग्रेजी के साहित्यकार प्रो कपिल कपूर के अलावा भूटान और नेपाल से नामचीन साहित्यकार शामिल होंगे। इनमें नेपाल के बसंत चौधरी, सनत रेग्मी, गुरदीप, शैलेश तिवारी, दिलदार देहलवी, एसके शर्मा, निरंजन मिश्र, अंबेर खरबंदा, इस फेस्टिवल की शोभा बढ़ाएंगे। इस दौरान फेस्टिवल के समन्वयक प्रो. वीके सिंह, प्रो. एलपी पुरोहित, संजय हांडा, डॉ. पंकज कौशिक आदि भी उपस्थित रहे।