बुजुर्ग मां की हत्या के दोषी बेटे और बहू को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोषियों को 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महेश चंद्र कौशिवा की अदालत ने फैसला सुनाया है। इस मामले में 2021 में डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
डालनवाला क्षेत्र में 25 जनवरी 2021 को बुजुर्ग महिला सरोज देवी की मौत हुई थी। उनके वाराणसी निवासी दामाद नवरत्न ने सूचना देकर हत्या का शक मृतका के बेटे जयवीर और बहू सोनम पर जताया था। सरोज देवी पत्नी स्वर्गीय रामसिंह अपने बेटे जयवीर और बहु सोनम के साथ डीएल रोड पर रहती थी। बहू-बेटे दो साल से मां को प्रताड़ित कर रहे थे। 25 जनवरी को उन्हें पता चला कि मां का निधन हो गया है।
अंतिम संस्कार में मृतका के बेटे के जल्दी करने पर उन्हें शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि मां की गला दबाकर हत्या की गई। उन्होंने जयवीर और उसकी पत्नी सोनम पर हत्या का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद दोनों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने मामले में 11 गवाह बनाते हुए कोर्ट में पत्रावली दाखिल की। बताया गया कि मृतका ने बेटे को संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद ही उन्होंने हत्या की घटना को अंजाम दिया। कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाते हुए जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।