हम सभी कई दिनों तक जागते रहे। टीम का कोई भी सदस्य नहीं सोया। इसके अलावा कई जगहों पर हवा नहीं होने के चलते हमें इंतजार भी करना पड़ा। वहीं, मॉरिशस से पहले बोट का स्टेयरिंग व्हील भी टूट गया, लेकिन हमने धैर्य नहीं खोया और साढ़े आठ (254 दिन) महीने में गोवा से आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फॉकलैंड, आईलैंड, केपटाउन और मॉरिशस होते हुए 21600 नॉटिकल माइल का सफर पूरा किया।
पीएम मोदी ने बढ़ाया हौसला
ले. पायल ने बताया कि यात्रा के दौरान बीते 30 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाट्सएप कॉल कर टीम का हौसला बढ़ाया था। इससे टीम के आत्मविश्वास में काफी इजाफा हुआ। वहीं, वापस लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 40 मिनट की मुलाकात हुई। इस दौरान उन्होंने टीम के सदस्यों से यात्रा के अनुभव के बारे में जानकारी ली।
भारतीय नेवी का यह पहला अभियान
भारतीय नेवी की यह पहली टीम है, जिसने देश में निर्मित आईएसएनवी नौका से सागर परिक्रमा की। छह सदस्यीय टीम को ऑफिसर इंचार्ज कैप्टन अतुल सिन्हा ने ट्रेनिंग दी। टीम का नेतृत्व ऋषिकेश की ले. कमांडर वर्तिका जोशी ने किया। टीम में ले. कमांडर स्वाती (विशाखापट्टनम), ले. कमांडर प्रतिभा (कुल्लू), ऐश्वर्य (हैदराबाद), ले. पायल गुप्ता (देहरादून), विजया (मणिपुर) शामिल थीं।
आईएनएसवी तारिणी पर सवार होकर पांच देशों की सागर परिक्रमा पूरी कर लौटी टीम की लीडर लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी और सदस्य लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता को सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने टीम के 21600 नॉटिकल माइल की दूरी तय करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें टीम तारिणी के सदस्यों पर नाज है। वर्तिका और पायल ने देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान ले. कमांडर वर्तिका जोशी के पिता डॉ. प्रदीप कुमार जोशी, माता डॉ. अल्पना जोशी और ले. पायल गुप्ता के माता-पिता नीलम व विनोद गुप्ता भी मौजूद रहे।
पर्वतारोहण कर लौटीं चौहान भी पुरस्कृत
पिछले वर्ष 29 दिसंबर को माउंट क्लिमिंजारो (अफ्रीका) और बीती छह मई को यूरोप के माउंट एलब्रस का सफल आरोहण कर लौटीं अमीषा चौहान ने भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने शॉल और स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया। उनके साथ पर्वतारोही शिवानी गुसाईं, से.नि. ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा आदि उपस्थित थे।