इसके बाद तेंदुए को जंगल की तरफ भगाने का निर्णय लिया गया। देर रात लोगों की भीड़ छंटते ही तेंदुआ गैलरी से निकलकर जंगल की ओर भाग गया। उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया, एसओ हेमचंद्र पंत, गंगोलीहाट के रेंजर मनोज सनवाल भी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे।
आबादी में तेंदुए के घुसने से बेड़ीनाग के नया बाजार के लोग 12 घंटे तक दहशत में रहे। दिन में तेंदुआ एक घर से दूसरे में घुसता रहा। इस दौरान सभी परिवार दहशत में रहे। एक मकान से दूसरे और तीसरे मकान की गैलरी में घुसे तेंदुए को पकड़ने की सारी कोशिशें नाकाम होने से लोगों में भय भी बढ़ गया।
तेंदुए के एक घर से दूसरे घर में घुसने से लोगों में दहशत और अधिक बढ़ गई। लोग घरों के दरवाजे बंद कर भीतर दुबके रहे। तेंदुए की मौजूदगी के कारण स्कूल से लौटे बच्चों को भी घरों में ही कैद रहना पड़ा। दिन के साथ ही लोगों की आधी रात भी दहशत के साये में कटी। तेंदुए के जंगल की ओर भागने के बाद ही लोगों की दिनचर्या सामान्य हो सकी।