उन्होंने बताया कि स्टॉक 8 लगभग 6,700 प्रकाश वर्ष दूर ओरिगा नक्षत्र में स्थित मात्र 30 लाख वर्ष पुराने युवा सितारों का समूह है। यह समूह कई नवजात और युवा सितारों की उपस्थिति के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डॉ. पांडे ने राष्ट्रीय खगोलीय अनुसंधान संस्थान, थाईलैंड, चियांग माई की अध्ययन यात्रा के दौरान एरीज की डॉ. स्नेहलता और नारित के वैज्ञानिक डॉ. रामकेश, डॉ. एंड्रिया, डॉ. इरा के सहयोग से इन सितारों की पहचान करने में सफलता प्राप्त की।
एरीज ने गत पांच वर्षों में थाईलैंड के राष्ट्रीय खगोलीय अनुसंधान संस्थान के साथ किये गए अनुसंधान पर अनेक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। एरीज और एनएआर आईटी, थाईलैंड के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान का करार है।
डॉ. पांडे ने बताया कि ओपन क्लस्टर (तारा पुंज) आकाशगंगा की सतह पर स्थित विशाल आणविक गैस के बादल से बना समान गुण वाले सितारों का समूह होता है जिसमें हजारों तारे होते हैं जो परस्पर गुरुत्वाकर्षण से बंधे होते हैं। ये क्लस्टर आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा करते हुए अन्य तारकीय पुंजों और गैस के बादलों के साथ टकराने से विखंडित हो जाते हैं. इनकी आयु कुछ सौ मिलियन वर्ष की होती है।
उन्होंने बताया कि ओपन क्लस्टर केवल सर्पिल और अनियमित आकाश गंगाओं में ही पाए जाते हैं जिनमे तारों के बनने की प्रक्रिया जारी हो। वैज्ञानिकों के लिए युवा तारा पुंजों में चर कांति तारों के लिए विशेष आकर्षण होता है क्योंकि युवा तारे अन्य सितारों के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण होते हैं। चर कांति तारे वे तारे हैं जिनकी चमक आकार में परिवर्तन, राह के व्यवधानों या किसी नजदीकी पिंड के ग्रहण के कारण लगातार बदलती रहती है।
भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के भारत-आसियान वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत आसियान देशों के साथ स्वास्थ्य, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, कृषि प्रौद्योगिकी, वैकल्पिक ऊर्जा, जैव विविधता, खाद्य प्रसंस्करण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आदि विषयों में वैज्ञानिक सहयोग में प्रोत्साहित की योजना चल रही है।
एरीज के पूर्व निदेशक डॉ. अनिल कुमार पांडे उपरोक्त सहयोग कार्यक्रम में भौतिक विज्ञान के लिए वैज्ञानिक विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष हैं। डॉ. पांडे ने बताया कि डीएसटी, भारत सरकार तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, थाईलैंड भी भारतीय और थाई विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों और संस्थानों को सहयोगात्मक वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
डीएसटी (भारत) ने आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेसनल साइंसेज, एरीज के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सौरभ के नेतृत्व में थाईलैंड के राष्ट्रीय खगोलीय अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के सहयोग से सितारों के बनने की प्रक्रिया और युवा सितारों की प्रकृति के अध्ययन के लिए तीन वर्ष का शोध अनुदान प्रदान किया है।