गुलदार की खाल जैसा कोट पहनने के मामले में कुंवर प्रणव चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी को राहत मिली है।
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पीपुल फॉर एनिमल (पीएफए) संस्था की शिकायत पर भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूआईआई) में फोरेंसिक जांच में इस कोट को कृत्रिम बताया गया है।
हालांकि, पीएफए को जांच पर भरोसा नहीं है। संस्था ने जांचे गए कोट की मीडिया में आई तस्वीरों से मिलान की मांग की है।
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फरवरी में खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी गुलदार की खाल जैसा दिखने वाला कोट पहनकर विधानसभा में गई थी।
मीडिया में आई तस्वीरों और कुंवर प्रणव चैंपियन के फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की गई फोटो के आधार पर पीएफए ने इसकी शिकायत वन विभाग से की थी।
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विभाग ने कोट जब्त कर डब्ल्यूआईआई को भेज दिया था। सोमवार को फोरेंसिक रिपोर्ट वन विभाग को मिल गई। डीएफओ सुशांत पटनायक ने बताया कि रिपोर्ट में बताया गया है कि यह गुलदार की खाल नहीं, बल्कि कृत्रिम कोट है।
उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर चैंपियन या उनकी पत्नी पर भारतीय वन्य जीव अधिनियम के तहत कोई अपराध नहीं बनता है। उन्होंने इसकी पूरी रिपोर्ट प्रमुख वन संरक्षक को भेज दी है।
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दूसरी ओर, पीएफए की सदस्य सचिव गौरी मौलेखी का कहना है कि डब्ल्यूआईआई को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि यह कोट मीडिया में आई तस्वीरों से मिलता-जुलता है या नहीं।
मौलेखी का आरोप है कि कोट बदलकर पेश किया गया था। उन्होंने वन विभाग की धीमी जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई और इस लड़ाई को जारी रखने की बात कही।