दिन दहाड़े अचानक हुए गुलदार के हमले से ग्रामीणों में काफी दहशत है और वन विभाग के प्रति आक्रोश प्रकट किया है। पुलिस और पार्क प्रशासन के अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल ने बताया कि बीते कुछ साल से गुलदारों की वारदातों के चलते महिलाएं जंगल में नहीं जाती हैं, लेकिन गांव की सीमाओं के चारागाहों में भी गुलदार दस्तक दे रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य आशा कुड़ियाल ने बताया कि ग्रामीणों की जान माल की सुरक्षा के लिए प्रशासन को पुख्ता कदम उठाने होंगे।
रेंज अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि राजाजी की मोतीचूर रेंज में कैमरा ट्रैपों के आधार पर गुलदारों की संख्या का आंकड़ा 50 के करीब है। इसमें से एक गुलदार जो आदमखोर है उसकी पहचान हो चुकी है। इस घटना के बाद भी कैमरा ट्रेंपों को गहन अध्ययन कर आदमखोर की पुष्टि कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।