फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार की मालविका और टिहरी के रोहित भारतीय सेना में बने अधिकारी, ओटीए चेन्नई में हुई पीओपी

Wed, 22 May 2019 08:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

टिहरी जिले के देवप्रयाग ब्लॉक के चंद्रबदनी पट्टी के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। दालमासा गांव निवासी रोहित बलूनी के भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर पूरा गांव खुशी से झूम उठा। चेन्नई में रोहित के माता-पिता इस एतिहासिक क्षण के गवाह बने।

विज्ञापन


ओटीए (ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी) चेन्नई से पासिंग आउट परेड में पासआउट होकर टिहरी जिले के दालमासा निवासी रोहित बलूनी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। पीओपी में रोहित को भारतीय सेना की वर्दी पहनाते ही उसके पिता आरपी बलूनी, मां शैलबाला और रिश्तेदार खुशी से झूम उठे। पीओपी में उत्तराखंड से रोहित समेत तीन आफिसर्स भारतीय सेना के हिस्सा बने हैं। जिला सहकारी बैंक नई टिहरी के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक आरपी बलूनी के बेटे रोहित का सेना में अफसर बनने का सपना शनिवार को चेन्नई की ओटीए में पूरा हो गया। उन्होंने बताया कि रोहित की प्राथमिक शिक्षा नई टिहरी के ऑल सेंट कान्वेंट स्कूल से हुई है। इसके बाद सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से 2013 में उन्होंने इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। कड़ी मेहनत करने के बाद उन्होंने दिल्ली विवि से स्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। 

वर्ष 2017 में रोहित ने सीडीएस (कॉमन डिफेंस सर्विस) परीक्षा उत्तीर्ण कर ओटीए से ट्रेनिंग ली। रोहित की दो बड़ी बहन सुमन और अमृता हैं। शनिवार को पीओपी में रोहित को बतौर लेफ्टिनेंट आफिसर भारतीय सेना में शामिल किया गया। उनके रिश्तेदार वीरेंद्र मोहन उनियाल भी पीओपी के दौरान मौजूद रहे। रोहित की इस कामयाबी पर चाका पिछवाड़ा के प्रधान रविंद्र सेमवाल, डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष रजनीकांत सुरीरा, जयप्रकाश, दिनेश चंद्र, सतीश उनियाल ने खुशी जाहिर की।

विज्ञापन
विज्ञापन

49 सप्ताह के कडे़ प्रशिक्षण के बाद मालविका रावत भारतीय सेना का हिस्सा बनीं

भारतीय सेना - फोटो : Getty
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भेल के प्रमुख कमांडेंट टीएस रावत की बेटी मालविका रावत ने भारतीय सेना में अधिकारी बन कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। चेन्नई में स्थित आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में 49 सप्ताह के कडे़ प्रशिक्षण के बाद मालविका रावत भारतीय सेना का हिस्सा बनीं।  

शनिवार को ओटीए चेन्नई में हुई पासिंग आउट परेड में मालविका रावत के साथ ही 213 पुरुष और 40 महिला कैडेट्स पास आउट हुए। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल और हाल निवासी रुड़की मालविका ने केंद्रीय विद्यालय चंबा दो हिमाचल प्रदेश से 10 वीं और 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून से बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने 2017 में सेना की टेक्निकल एंट्री और भारतीय वायुसेना की परीक्षा दी।

मालविका अपने पहले ही प्रयास में दोनों विभागों में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड द्वारा चयनित की गई। मालविका ने बताया कि उनके दादा भी भारतीय सेना में अधिकारी थे। इसलिए उन्होंने भारतीय वायु सेना की जगह भारतीय थल सेना को चुना। मालविका रावत के पिता टीएस रावत और माता मंजू रावत मालविका के पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। भेल हरिद्वार हीप इकाई के महाप्रबंधक प्रभारी संजय गुलाटी ने भेल परिवार की ओर से मालविका रावत को बधाई दी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें