तेंदुए के हमले में मारे गए तीन साल के मासूम नैतिक के पिता रमेश कार्की दिल्ली में एक कंपनी में काम करते हैं। नैतिक से बड़ी दो बहने हैं। इन दिनों रमेश भी घर आए हुए हैं। रमेश के माता-पिता भी घर पर ही हैं। हेमा ने कभी सोचा भी नहीं था कि तेंदुआ उसके लाड़ले के लिए घात लगाए बैठा है। हादसे के बाद मां-पिता, दादा-दादी बेसुध हैं। नैतिक की दोनों बहनें बार-बार भाई को पुकार रही हैं।
काफी बड़ा है तेंदुआ
वन क्षेत्राधिकारी जगदीश चंद्र जोशी के नेतृत्व में शनिवार को एक टीम गांव पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। जोशी ने बताया कि तेंदुआ काफी बड़ा बताया जा रहा है। टीम ने उसके पद चिन्ह तलाशने की कोशिश की लेकिन बारिश के चलते सफलता नहीं मिली। टीम ने जंगल में सर्च अभियान भी चलाया। टीम में वन दरोगा हयात सिंह, गंगा सिंह, वन रक्षक भरत सिंह, दिनेश चौहान शामिल रहे।
डीडीहाट के हाट गांव के गधेरे में मृत मिला तेंदुआ
हाट गांव स्थित चरमा गाड़ में मादा तेंदुए का शव उतराता मिला। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लिया। रविवार को तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद ही तेंदुए की मौत का स्पष्ट कारण पता चल पाएगा। तेंदुए की उम्र डेढ़ से दो वर्ष के बीच बताई जा रही है। हाट गांव निवासी नंदू शनिवार दोपहर में नहाने के लिए चरमा गाड़ में गया था।
उसे पानी में तेंदुआ उतराता हुआ दिखाई दिया। उसके शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को भी सूचना दी गई। उप रेंज हरीश चंद्र सती टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने तेंदुए को बाहर निकाला। उप रेंज सती ने बताया कि मृत तेंदुआ मादा है। उन्होंने आशंका जताई है कि संभवत बीमारी से तेंदुए की मौत हुई होगी।