उत्तराखंड में पौड़ी जिले के धुमाकोट में किमखेत गांव की एक महिला को गुलदार ने निवाला बना लिया। महिला पशु चराने गांव के पास ही जंगल गई थी। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन के अधिकारियों और वन कर्मियों का घेराव किया। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की।
नैनीडांडा ब्लाक के हल्दूखाल बाजार के निकट के किमखेत गांव की सरस्वती देवी (55) पत्नी स्व. रणजीत सिंह शुक्रवार को अपने पशु चराने के लिए जंगल गई थी। शाम को उसके पशु तो जंगल से लौटकर घर आ गए, लेकिन सरस्वती नहीं लौटी।
सरस्वती का आधा खाया शव मिला
ग्रामीणों ने जंगल में खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला और ग्रामीण लौट आए। शनिवार तड़के फिर ग्रामीणों के साथ परिजन सरस्वती को खोजने के लिए जंगल गए। जंगल में सरस्वती का आधा खाया शव मिला।
ग्रामीणों की सूचना पर तहसीलदार राजपाल सिंह नेगी, थाना धुमाकोट से पुलिस की टीम और वन कर्मी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों का घेराव किया। ग्रामीणों ने इस बात पर भी रोष जताया कि गांव और आसपास के क्षेत्र में काफी समय से गुलदार सक्रिय था, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने सीएचसी नैनीडांडा से चिकित्सकों की टीम भेजकर घटनास्थल पर ही महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया। पौड़ी वन प्रभाग के प्रभागीय अधिकारी राजमणि पांडे का कहना है कि महिला को गुलदार ने अपना निवाला बनाया है। मृतक महिला के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। गुलदार को पकड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।