पौड़ी क्षेत्र के पैडलस्यूं पट्टी के डुंगरी गांव के एक व्यक्ति को मंगलवार रात को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। बुधवार सुबह को क्षत विक्षत शव मिलने के बाद घटना का पता चला।
जानकारी के मुताबिक डुंगरी गांव के रामचरण (40) पुत्र पूरण सिंह रावत की परसुंडाखाल में टेलरिंग की दुकान है। हर रोज की तरह मंगलवार की शाम को वह दुकान बंद करके गांव के लिए निकला था, लेकिन रात को घर नहीं पहुंचा।
रामचरण कई बार दुकान पर ही रुक जाता था, इसलिए परिजनों ने सोचा कि वह वहीं रुक गया होगा। इसलिए रात को उसकी कोई खोजबीन नहीं की।
स्कूल जा रही छात्रा ने देखा शव
बुधवार की सुबह प्राथमिक विद्यालय घोड़ीखाल की एक छात्रा को स्कूल जाते समय पास के खेत में एक अधखाया शव दिखाई दिया। छात्रा ने इसकी जानकारी गांवों वालों को दी।
सूचना मिलते ही रामचरण के परिजनों समेत डुंगरी, रिठाई, कमेड़ा समेत कई गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। नौ बजे तक वन विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
आक्रोशित लोगों ने घोड़ीखाल में पौड़ी-कोटद्वार मोटर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दस बजे उपजिलाधिकारी पीएल शाह, रेंजर जसपाल सिंह रावत ने मौके पर पहुंचकर लोगों समझाने की कोशिश की। लेकिन लोगों ने गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग की।
कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ राजमणी पांडे के साथ ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने, गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के लिए क्षेत्र में शिकारी दल तैनात करने की मांग की।
गुलदार के लिए बिछाया जाल
घोड़ीखाल में ग्रामीण को निवाला बनाने वाले गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए गढ़वाल वन प्रभाग ने प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव को पत्र लिखा है। घटना को देखते हुए क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजड़े लगा दिए हैं।
मृतक के परिजनों को फिलहाल मुआवजे के रूप में 90 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जो कुल मुआवजा राशि का तीस फीसदी है।