गुप्तकाशी के डुंगर गांव में फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए तारबाड़ में फंसकर एक गुलदार की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने गुलदार का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अगस्त्यमुनि भेजा है।
ग्राम प्रधान रजनी देवी ने बताया कि गांव में पहले से ही गुलदार की दहशत थी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया था। शुक्रवार अलसुबह गांव के समीप गुलदार के गुर्राने की आवाजें सुनाई दी।
गुलदार और सुअरों के बीच संघर्ष
सुबह जब ग्रामीण शौच के लिए जा रहे थे तो उन्होंने खेतों की तारबाड़ में गुलदार को जख्मी हालात में फंसा देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वहीं स्थानीय ग्रामीण रमेश नेगी ने बताया कि रात को गुलदार व सुअरों के बीच संघर्ष हुआ था, जिसके चलते हो सकता है कि गुलदार घायल होकर तारबाड़ में फंस गया हो।
सात साल का नर
इधर, एसीएफ अजय शर्मा ने बताया कि वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले गुलदार की मौत हो चुकी थी। गुलदार लगभग सात वर्ष का नर है।
मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।