ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का किया घेराव
घटना के बाद सुबह करीब 11 बजे पौड़ी तहसील की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी गजल्ड गांव पहुंची। जहां ग्रामीणों ने उनका घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि किसी उच्चाधिकारी को गांव पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र की सुध लेनी चाहिए। उन्होंने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की, हालांकि बाद में डीएम स्वाति एस भदौरिया गांव पहुंची।
गुलदार को मारने के आदेश जारी
डीएम ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को बताया कि गुलदार को मारने के आदेश जारी हो गए हैं। जल्द गांव में शूटर तैनात किए जाएंगे। डीएम ने बताया कि प्रभावित गांव के आसपास के आंगनबाड़ी से 12वीं तक के विद्यालयों में फिलहाल अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही महिलाओं को चारापत्ती लेने के लिए न जाने की अपील की है।
वन मंत्री ने रिसीव नहीं की विधायक की कॉल
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे विधायक गजल्ड गांव पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने पहले तो उनका घेराव किया, बाद में ग्रामीणों ने विधायक को जमीन पर बैठाकर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीण गुलदार को मारने के आदेश और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने विधायक को वन मंत्री से फोन पर बात करने को कहा। विधायक ने वन मंत्री सुबोध उनियाल को कॉल किया तो उन्होंने विधायक का फोन ही नहीं उठाया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को फोन करने को कहा लेकिन इस बार भी विधायक को मायूसी हाथ लगी। इस पर ग्रामीण और आक्रोशित हो गए और उन्होंने वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ नारेबाजी की।
पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी की मांग उठाई
चाचा राजेंद्र की मौत से दुखी भतीजे कमलेश ने डीएम से पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग उठाई। नम आंखों और दुख से आक्रोशित होकर कमलेश ने नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। कहा कि आश्वासन के बाद ही चाचा की अंत्येष्टि की जाएगी।